Hindi Crime Stories: हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के दलित छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या की गूंज पूरे देश में सुनाई दी. इस के लिए तथाकथित रूप से जिम्मेदार भाजपा यह सोच कर परेशान है कि क्या एक छात्र की मौत इतनी हंगामाखेज हो सकती है. आखिर कौन जिम्मेदार है रोहित की आत्महत्या का?

निजाम का शहर कहिए या नवाबों का, हैदराबाद दक्षिण भारत का एक महत्त्वपूर्ण शहर है. एक ओर विश्वप्रसिद्ध चारमीनार इस शहर की ऐतिहासिक पहचान है तो दूसरी ओर संभवत: विश्व का यह अकेला ऐसा शहर है, जिस में 9 सरकारी विश्वविद्यालय हैं.  इन्हीं 9 विश्वविद्यालयों में एक है केंद्रीय विश्वविद्यालय, जो इस शहर की गहमागहमी से दूर, शांत इलाके गाची बावली में स्थित है.

17 जनवरी की आधी रात बीत चुकी थी. तभी गाची बावली पुलिस स्टेशन को सूचना मिली कि हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के न्यू रिसर्च हौस्टल में एक छात्र ने आत्महत्या कर ली है. गाची बावली थाने के इंसपेक्टर जे. रमेश कुमार तुरंत अपने सहयोगियों के साथ न्यू रिसर्च हौस्टल पहुंच गए. हौस्टल के कमरा नंबर 207 में उन्हें एक छात्र फंदे से लटका हुआ मिला जिस की पहचान रोहित वेमुला के रूप में हुई. उन्होंने अपनी काररवाई शुरू कर दी. जैसेजैसे छात्रों को कैंपस में पुलिस की मौजूदगी और रोहित वेमुला की आत्महत्या की सूचना मिलती गई, वे हौस्टल में एकत्र होते गए.

पुलिस रोहित की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजना चाहती थी, मगर छात्रों की मांग थी कि पहले रोहित को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले लोगों के विरुद्ध काररवाई की जाए. छात्रों का आक्रोश बढ़ता जा रहा था. उन के आक्रोश की जानकारी पा कर पुलिस के बड़े अफसर भी पहुंच गए. छात्रों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए रैपिड एक्शन फोर्स के 200 जवानों को बुला लिया गया. तब तक सुबह के 7 बज चुके थे. काफी कोशिशों के बाद पुलिस रोहित की लाश को पोस्टमार्टम के लिए उस्मानिया जनरल अस्पताल ले जाने में सफल हो पाई.

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