Family Betrayal Story: जिंदगी के अदाकार
Family Betrayal Story तुम्हारे आखिरी दाग की निशानी मेरे वजूद पर लग चुकी है और शायद इसी से मेरी बेनाम जिंदगी की शुरुआत हो. यही दाग मेरे जीने का बहाना बन जाए. तुम्हारी दलील अपनी जगह सही है कि एक वक्त में 2 इंसानों को एक जैसा, एक ही जितना प्यार किया जा सकता है.   
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