Hindi stories: अजब संयोग
Hindi stories जिस दिन सेहर के मांबाप ने रिश्ता मंजूर किया, उस के तीसरे रोज हमारे तायाजान का इंतकाल हो गया. वह साल भर से बीमार थे और उन की उम्र भी सत्तर से ऊपर थी.
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