Hindi Stories: आदमी की किस्मत उस के पसीने से लिखी होती है, जिस ने भी यह बात कही है, गलत नहीं कही. उस घर में जो रौनक, हुस्न और खुशबू थी, वह सनोवर के पसीने की बदौलत थी.

शाम को घर पहुंचा तो 6 बज रहे थे. 7 बजे किसी पार्टी में जाना था. मैं ने ड्राइंगरूम  में कदम रखा तो वह खुशबू से महक रहा था. बैडरूम में दाखिल हुआ तो मैं ने जोहरा को सिंगार मेज के बड़े आईने के सामने खड़ी देखा. वह अभीअभी नहा कर गुसलखाने से निकली थी. उस के बालों में नमी थी. उस के बाल गरदन तक बड़ी नफासत से तराशे हुए थे. उन से भीनीभीनी खुशबू फूट रही थी. वह मेकअप करने में मसरूफ थी. उस ने मुझे आईने में देखा और रस्मी अंदाज से बोली, ‘‘हैलो डियर.’’

‘‘हैलो...’’ मैं ने अपना ब्रीफकेस पलंग पर रख दिया, ‘‘पार्टी 7 बजे है और तुम अभी से तैयार हो रही हो?’’

‘‘मैं तैयार कहां हो रही हूं?’’ उस ने कहा, ‘‘सिर्फ पाउडर लगा रही थी. अभी मैं ब्यूटीपार्लर जा रही हूं.’’

‘‘ब्यूटीपार्लर?’’ मैं ने बैड पर बैठते हुए उस की तरफ देखा, ‘‘यह जो सिंगार मेज पर मेकअप के सामान की दुकान लगी है और हर महीने जो तुम 2 हजार रुपए का सामान खरीदती हो, वह मेरी समझ में नहीं आता. जब बातबात पर ब्यूटीपार्लर जाती हो तो फिर मेकअप का सामान मत खरीदा करो.’’

‘‘जब भी किसी पार्टी में जाती हूं तो ब्यूटीपार्लर से तैयार हो कर आती हूं. घर में रहती हूं या शौपिंग के लिए जाती हूं तो घर में मेकअप कर लेती हूं. यह बात तुम भूल जाते हो.’’

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