Hindi Crime Stories: प्यार तो प्यार से ही होता है. किसी से जबरदस्ती प्यार नहीं किया जा सकता. अगर एकतरफा प्यार करने वाले गुरमीत सिंह की समझ में यह बात आई होती तो शायद आज वह अमनदीप की हत्या के आरोप में जेल में नहीं होता.
अमनदीप एक हाथ में दूध का पैकेट थामे सहेलियों से बातें करती हुई मोहाली के फेज-5 की मार्केट की पिछली गली से निकल कर बगल की कोठी नंबर 1869 की ओर बढ़ी. उसी में वह पेईंगगैस्ट के रूप में रहती थी. वह मार्केट से बाहर आई थी कि अचानक एक लड़के ने उस के नजदीक आ कर उस का हाथ पकड़ा और सहेलियों से अलग खींच ले गया. एक तरह से यह निहायत बेहूदगी थी, इसलिए सहेलियों ने शोर मचाना चाहा, लेकिन अमनदीप ने इशारे से उन्हें मना कर दिया. शायद लड़का उस का परिचित और घुलामिला था, वरना किस की मजाल थी कि इस तरह पैदल आ कर सरेराह चलती लड़की को पकड़ कर खींच ले जाए.
यही सोच कर अमनदीप की सहेलियां चुप हो गईं और ध्यान से उन्हें देखने लगीं कि क्या हो रहा है? उन्होंने देखा कि एक कोने में ले जा कर लड़के ने अमनदीप का हाथ छोड़ दिया और उस से बातें करने लगा. उन के हावभाव से यही लग रहा था कि वे प्यार से बातें कर रहे हैं. लड़का दोनों हाथ जोड़ कर अमनदीप से कोई गुजारिश कर रहा है. लग रहा था, वह उस से कोई बात मनवाने की कोशिश कर रहा है. इस बीच उस ने एकदो बार उस के पैर छूने की भी कोशिश की थी.






