India Pakistan border: 553 किलोमीटर लंबी भारतपाक सीमा पर कंटीले तारों की बाड़ और बीएसएफ की कड़ी चौकसी के बावजूद ऐसी कई जगहें हैं, जहां से तस्कर और आतंकवादी भारतीय सीमा में प्रवेश कर जाते हैं.

काफी समय पहले जब भारत में आतंकवाद की शुरुआत नहीं हुई थी, भारतपाक सीमाओं की निगरानी और सुरक्षा नाममात्र की थी. तब सीमाओं पर चूंकि कंटीली तारें नहीं लगी थीं, इसलिए सीमा पार तस्करों का आनाजाना एक सामान्य सी बात थी. सीमा पर सुरक्षा बलों की तैनाती के बावजूद सीमा पार से पाकिस्तानी तस्कर भारत में आसानी से दाखिल हो जाते थे. ये तस्कर सोना, चांदी, अफीम, नशीले पदार्थों और विदेशी वस्तुओं की तस्करी करते थे. आज जबकि सीमाओं पर कंटीली तारों की बाड़ खड़ी की जा चुकी है और सुरक्षा के चाकचौबंद प्रबंध हैं तो स्थिति बदतर हो चुकी है.

1980 के दशक में जब पंजाब में पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद को बढ़ावा मिला तो सीमाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के बारे में सोचा गया. इस के बाद ही भारतपाक सीमा पर बाड़ लगाने और निगरानी टावर स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हुई थी. लगभग 553 किलोमीटर लंबी भारतपाक सीमा पर लोहे की कंटीली तारों की बाड़ खरी करने का काम इतना आसान नहीं था.

कई सालों की मेहनत के बाद भारतपाक सीमा पर कंटीली बाड़ लगाने का काम पूरा हुआ. लेकिन इस के बावजूद दीनानगर के पुलिस स्टेशन और पठानकोट के एयरबेस पर आतंकी हमला हो गया. आतंकी सीमा लांघ कर चुपचाप अंदर दाखिल हो गए. अगर सीमा पर कंटीली बाड़ खड़ी थी और निगरानी सख्त थी तो ऐसा कैसे हो गया?

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