North Delhi Crime. विवाहित और 2 बच्चों की मां अंजलि और उस से 10 साल छोटे नवीन उप्पल के बीच जो भी चल रहा था, वह किसी भी नजरिए से ठीक नहीं था. अगल समय रहते दोनों संभल जाते तो अंजलि जान से न जाती और नवीन को खूनी बन कर जेल न जाना पड़ता.
10 मई, 2016 की रात करीब साढ़े 8 बजे दिल्ली पुलिस के कंट्रोल रूम को एक ऐसी काल मिली कि उत्तरी जिले के कई थानों की पुलिस की गाडि़यां सड़कों और बोंटा पार्क की तरफ दौड़ने लगीं.
दरअसल हुआ यह था कि राकेश उप्पल नाम के एक आदमी ने पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर के सूचना दी थी कि उस के भतीजे नवीन उप्पल की फोर्ड ईको कार नंबर 8361 में एक महिला ने खुद को गोली मार ली है और अब भतीजा नवीन भी मरने की बात कर रहा है. कार अभी बोंटा पार्क के नजदीक है. राकेश उप्पल ने पुलिस को नवीन का मोबाइल नंबर भी बता दिया था. कंट्रोलरूम से यह सूचना उत्तरी जिला पुलिस को दी गई थी.
बोंटा पार्क उत्तरी जिले में दिल्ली विश्वविद्यालय के पास है. मामला 2 जिंदगियों से जुड़ा था. इसलिए मामले की सूचना मिलते ही उत्तरी जिले के डीसीपी मधुर वर्मा ने थाना सिविल लाइंस, रूपनगर और मौरिसनगर की पुलिस को निर्देश दिए कि वह जल्द से जल्द नवीन उप्पल की कार को खोजें, ताकि खुद को गोली मारने वाली महिला को अस्पताल भिजवाया जा सके, साथ ही नवीन उप्पल की भी जान बचाई जा सके.
पुलिस बोंटा पार्क के पास पहुंची तो वहां बताए गए नंबर की कोई कार नहीं मिली. इस के बाद तीनों थानों की पुलिस अपनेअपने थाना क्षेत्रों में 8361 नंबर की फोर्ड ईको कार को ढूंढने लगी. काल करने वाले राकेश ने नवीन उप्पल का मोबाइल नंबर भी पुलिस को बताया था. मौरिसनगर की थानाप्रभारी आरती शर्मा द्वारा कई बार प्रयास करने के बाद नवीन का नंबर मिला तो उस ने बताया कि वह हिंदू कालेज के गेट के पास खड़ा है. उस से बात कर के थानाप्रभारी को इस बात की संतुष्टि हो गई कि नवीन अभी ठीकठाक है. लेकिन उस की बातों से लग रहा था कि वह बहुत घबराया हुआ है.






