Honey Trap Gang.अमीर परिवार का अंकुर मौजमस्ती के चक्कर में ब्लैकमेलिंग करने वाले गिरोह के चक्कर में जा फंसा था. उस ने फोन कर के अपने दोस्त से पैसे मंगाए तो उस का दोस्त हकीकत समझ गया और उस ने पैसे ले जाने के बजाए...

23 मई, 2016 की चिलचिलाती धूप में भोपाल से गंजबासौदा की ओर दौड़ी जा रही उस कार में एक युवती सहित 4 लोग सवार थे. उन में से 2 युवक जहां उस युवती के साथ हंसीठिठोली कर रहे थे, वहीं तीसरा युवक चुपचाप बैठा था. कार की आगे वाली एक सीट खाली थी और दूसरी पर ड्राइवर बैठा था. पीछे की सीट पर बैठे युवकयुवती ने तीसरे युवक को अपने बीच में कुछ इस तरह बैठा  रखा था, जैसे उन्हें उस के चलती गाड़ी से कूद कर भाग जाने का डर हो. वह युवक काफी डरा हुआ था, उस के चेहरे पर परेशानी की रेखाएं साफ दिखाई दे रही थीं.

बहरहाल, शाम होने से कुछ पहले वह कार अंबानगर चौराहे पर आ कर गंजबासौदा की ओर मुड़ी और कुछ दूर जा कर मसूदपुर गांव के पास एक पेड़ की छाया में रुक गई.

कार चला रहे युवक ने नीचे उतर कर कमर सीधी करने के लिए अंगड़ाई ली. दूसरी ओर कार में बैठी युवती ने अपने पर्स से मोबाइल निकाल कर बीच में बैठे युवक के हाथ में थमाते हुए कहा, ‘‘ये लो, और हां जल्दी करना. फालतू की बातें बिलकुल नहीं.’’

‘‘जी.’’ युवक ने सहमी सी आवाज में कहा और अपने एक दोस्त का नंबर डायल करने लगा. नंबर मिल गया तो वह बोला, ‘‘2 लाख रुपए ले कर तुरंत मसूदपुर आजा.’’

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