Rajasthan Crime Story. कमला ने सोचा था कि पति की हत्या करवा कर वह प्रेमी के साथ ‘नाते’ चली जाएगी और आराम की जिंदगी गुजारेगी. पर पुलिस ने उन्हें पकड़ कर उन के सपनों पर पानी फेर दिया.
24 जून की सुबह राजस्थान के बाड़मेर जिले के थाना समदड़ी के रहने वाले बेलाराम पटेल ने जिला पाली के थाना दोहट जा कर थानाप्रभारी सबइंसपेक्टर भंवर सिंह पोकरणा को बताया कि उस के भाई छोगाराम की लाश जाल के पेड़ से उसी की धोती से लटक रही है. उसे शक है कि उस की ससुराल वालों ने उसे मार कर लटका दिया है.
इस की वजह उस ने यह बताई थी कि पिछले 6 महीने से छोगाराम का ससुराल वालों से विवाद चल रहा था. उसे उस की पत्नी कमला ने जालौर के भौंरड़ा के रहने वाले हीराराम के साथ मिल कर मारा होगा, क्योंकि उन दोनों के बीच मधुर संबंध थे.
बेलाराम के बताए अनुसार, भंवर सिंह ने छोगाराम की हत्या का मुकदमा दर्ज करा कर इस घटना की सूचना एसपी परिश देशमुख, डीएसपी राजेश कुमार माथुर तथा सीओ को दे दी और खुद पुलिस बल ले कर घटनास्थल पर पहुंच गए. लाश और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद उन्होंने लाश को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दी थी.
चूंकि बेलाराम ने मृतक की पत्नी कमला और उस के प्रेमी हीराराम पर संदेह व्यक्त किया था, इसलिए भंवर सिंह ने दोनों को हिरासत में ले कर सख्ती से पूछताछ शुरू की. पहले तो दोनों उन्हें गुमराह करते रहे, पर भंवर सिंह के आगे उन की एक न चली और उन्हें सच बताना ही पड़ा.
कमला ने पुलिस को जो बताया था, उस के अनुसार, उस ने प्रेमी हीराराम के साथ मिल कर 30 हजार रुपए में सुपारी दे कर प्रेमी से मिलने में बाधा बन रहे पति को मरवा कर आत्महत्या साबित करने के लिए उसी की धोती में उस की लाश को पेड़ से लटकवा दिया था.
कमला ने पति की हत्या की जो कहानी बताई थी, वह इस प्रकार थी—
जिस समय कमला की शादी छोगाराम से हुई थी, वह 15-16 साल की थी, जबकि उस का पति छोगाराम 37-38 साल का था. वह जहां खिलती कली थी, वहीं उस का पति कुम्हलाया फूल था. वह जवानी की कगार पर था तो कमला जवानी के बोझ से लदी ऐसी औरत थी, जो अच्छोंअच्छों को जवानी के जोश में बहा ले जाए. छोगाराम में इतना बल नहीं था कि वह पत्नी को निचोड़ कर रख देता.
नईनवेली पत्नी पा कर छोगाराम उसे संतुष्ट करने की कोशिश तो करता रहा, मगर अकसर वह बीच सफर में ही हथियार डाल देता. लेकिन यह भी सच है कि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती. छोगाराम का जीवन सफर कोशिश की ही बदौलत किसी तरह कटता रहा.
कमला को ससुराल में कोई दुख नहीं था. पागलों की तरह प्यार करने वाला पति था, इसलिए उस ने उम्र के अंतर पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया. इसे नियति का खेल मान कर उस ने गृहस्थी में मन लगा लिया. छोगाराम खेती करता था, उसी से परिवार का गुजरबसर होता था.
छोगाराम से कमला को 2 बेटे हुए, जिन में बड़ा बेटा इस समय 13 साल का है तो छोटा 11 साल का. बेटों के जन्म के बाद कमला के रूपसौंदर्य में और निखार आ गया. लेकिन वह जहां जवान हुई, वहीं अधेड़ छोगाराम बूढ़ा हो गया. अब वह पत्नी को शारीरिक सुख देने में अक्षम हो गया.
इस की एक वजह यह भी थी कि दिन भर खेतीबाड़ी के कामों में लगे रहने की वजह से वह इतना थक जाता था कि घर आ कर उसे आराम करने के अलावा उसे दूसरा कुछ नहीं सुहाता था. जबकि कमला रातों में पति का साथ चाहती थी.
पति का साथ न मिलने की वजह से कमला को अपनी इच्छा मारनी पड़ती. इस का नतीजा यह निकला कि वह चिड़चिड़ी हो गई. बातबात में सब से लड़ने लगी, हर काम में मीनमेख निकालने लगी. छोगाराम सब जानता था, लेकिन करता भी क्या? उस का शरीर अब साथ नहीं देता था.
कमला ने पति की मजबूरी को समझ कर कुछ दिनों तक तो इच्छा को दबाए रखा, लेकिन जब जवानी ने उफान मारा तो मन बेकाबू होने लगा. वह किसी गैरमर्द से देह की आग बुझाने के बारे में सोचने लगी. गैरमर्द का खयाल आते ही कमला पति से लड़झगड़ कर दोनों बेटों को ले कर मायके चली आई.
मायके में उस ने भाइयों को बताया कि छोगाराम उसे बातबात पर दुत्कारता था और जब मन होता था पीट भी देता था. कमला की बात पर विश्वास कर के उस के भाई छोगाराम से नाराज हो गए. यही वजह थी कि जब छोगाराम ने सालों से पत्नी और बेटों को भेजने को कहा तो उन्होंने कमला को भेजने के बजाय उसे ही ससुराल में रहने की सलाह दी.
ससुराल में रहना छोगाराम को अच्छा तो नहीं लगता था, लेकिन पत्नी और बेटों के मोह में वह ससुराल जा कर रहने लगा. ससुराल में रहने से छोगाराम की वहां कोई इज्जत नहीं रह गई थी. उस ने इस बारे में पत्नी से शिकायत की तो उस की शिकायत में नमकमिर्च लगा कर कमला ने यह बात भाइयों को बता दी.
कमला चाहती थी कि छोगाराम उस के साथ न रहे, क्योंकि उस के साथ रहने से उसे गैरमर्दों के साथ गुलछर्रे उड़ाने में परेशानी हो सकती थी. इसलिए वह भाइयों के कान भरने लगी. आखिर एक दिन उस के भाइयों ने छोगाराम को ठोंकपीट कर अपने यहां से भगा दिया. पिटपिटा कर छोगाराम अपने गांव वापस आ गया.
कमला की बहन की शादी भौंरड़ा में हुई थी. उस का बहन के यहां खूब आनाजाना था. इस की वजह यह थी कि उस के भाइयों ने वहां जमीन खरीद रखी थी, जिस की देखभाल के लिए वह वहां आतीजाती रहती थी. वहीं रहते हुए कमला के नयन बहन के जेठ हीराराम से लड़ गए. फिर तो जल्दी ही दोनों में शारीरिक संबंध भी बन गए.
हीराराम भी शादीशुदा ही नहीं, 2 बेटों का बाप था. लेकिन उस की पत्नी बीमार रहती थी, इसलिए उसे पत्नी से शारीरिक सुख नहीं मिल पाता था. दूसरी ओर कमला भी पति से अलग रह रही थी. एक तरह से दोनों ही जरूरतमंद थे. इसी का फायदा दोनों ने उठाया. दोनों ने मर्यादा ताक पर रख कर अवैध रिश्ता कायम कर लिया था.
दोनों को जब भी मौका मिलता, तन की प्यास बुझा लेते. कमला ने पति को भगा ही दिया था, इसलिए वह आजाद थी. वह प्रेमी की बांहों में मदमस्त हो कर झूलने लगी. हीराराम को बीमार बीवी से जो सुख नहीं मिल रहा था, वह कमला से मिलने लगा था. इसीलिए दोनों ने ताउम्र साथ रहने का फैसला कर लिया.
लेकिन इस में परेशानी यह थी कि दोनों ही शादीशुदा और बच्चों वाले थे. ऐसे में उन के साथ रहने में परेशानी हो सकती थी. अगर कमला विधवा हो जाती तो राजस्थान में ‘नाता प्रथा’ के अनुसार वह हीराराम की पत्नी बन सकती थी. जबकि कमला का पति छोगाराम बूढ़ा जरूर था, लेकिन जिंदा था और शरीर से ठीकठाक था. इसलिए उस के जल्दी मरने की उम्मीद भी नहीं थी.
यही सोच कर एक दिन कमला ने कहा, ‘‘यार हीरा, मेरा पति जल्दी मेरगा तो है नहीं, आखिर मैं कब तक तुम्हारी पत्नी बनने का इंतजार करती रहूंगी. लगता है, उस के मरने के इंतजार में ही मैं बूढ़ी हो जाऊंगी.’’
‘‘तो क्या किया जा सकता है कमला? अगर तुम्हारे पास कोई उपाय हो तो बताओ, जिस से सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे.’’ हीरा ने कहा.
‘‘छोगाराम ऐसे नहीं मरेगा, उसे योजना बना कर मारना पड़ेगा. उस के बाद ही हम एक हो पाएंगे.’’
‘‘लेकिन हत्या करने के बाद पुलिस हमें पकड़ लेगी, तब सारी उम्र हमें जेल में गुजारनी पड़ेगी, इसलिए यह उपाय ठीक नहीं है. हमें कोई दूसरा उपाय सोचना होगा.’’ हीराराम ने कहा.
इस के बाद कमला ने हीराराम के साथ मिल कर ऐसी योजना बनाई, जिस में छोगाराम को हर हाल में मरना ही था और उन दोनों का कुछ होना भी नहीं था.
कमला ने सोचा था कि योजना सफल होने पर वह हीराराम के नाते चली जाएगी और दोनों आराम से रहेंगे. प्रेम में अंधे हीराराम ने गटूनाथ से बात की. वह हीराराम की जमीन पर खेती करता था. हीराराम और कमला ने उसे 30 हजार रुपए का लालच दिया तो वह उन की योजना में शामिल हो गया. उस ने मदद के लिए अपने परिचित जबरनाथ को उस योजना में शामिल कर लिया.
इस के बाद योजना के मुताबिक गटूनाथ और जबरनाथ ने कमला द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर पर फोन कर के छोगाराम से कहा कि वे दोनों कमला को उस के साथ भिजवा सकते हैं.
छोगाराम बीवी और बच्चों को लाना चाहता था, क्योंकि पत्नी और बच्चों के आने से घर का ही नहीं, उस की जिंदगी का भी सूनापन दूर हो जाता. खानापानी भी समय से मिलने लगता. इसीलिए जब गटूनाथ और जबरनाथ ने कमला को उस के साथ भिजवाने का आश्वासन दिया तो किसी को कुछ बताए बगैर वह गटूनाथ और जबरनाथ के साथ कमला को लाने के लिए उन की मोटरसाइकिल पर बैठ कर चल पड़ा.
दोनों छोगाराम को मोटरसाइकिल पर लिए इधरउधर घुमाते रहे, ताकि अंधेरा हो जाए. क्योंकि अंधेरे में उन का काम आसान हो जाता. अंधेरा होने पर गांव समुजा की सीमा पर सुनसान जगह देख कर उन्होंने मोटरसाइकिल रोक दी. उस समय रात के 8 बज रहे थे. दूरदूर तक कोई दिखाई नहीं दे रहा था.
अच्छा मौका देख कर दोनों ने छोगाराम को दबोच लिया और गला घोंट कर हत्या कर दी. इस के बाद छोगाराम की धोती उतार कर गले में फंदा लगा कर उसे जाल के पेड़ से लटका दिया, ताकि लोगों को लगे कि छोगाराम ने आत्महत्या की है.
काम हो जाने के बाद उन्होंने फोन कर के हीराराम को बता दिया. इस के बाद हीराराम ने यह बात कमला को बता दी. हीराराम और कमला के बयान के आधार पर पुलिस ने गटूनाथ और उस के साथी जबरनाथ को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के बाद पुलिस ने चारों अभियुक्तों कमला, हीराराम, गटूनाथ और जबरनाथ को 29 जून को कोर्ट में पेश किया, जहां से सभी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया.
कमला और हीराराम ने प्रेम में रोड़ा बन रहे छोगाराम को रास्ते से हटाने का षड़यंत्र रच कर सोचा था कि ‘नाता प्रथा’ के तहत एकदूजे के हमसफर बन जाएंगे, लेकिन पुलिस ने उन के मंसूबों पर पानी फेर कर उन्हें जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया.
पति की हत्या करवा कर कमला जेल चली गई है, अब उस के दोनों बेटे लावारिस हो गए हैं. प्रेम में पड़ कर हीराराम ने भी अपना घर बरबाद कर लिया. वह जेल में है, उस की बीमार पत्नी मायके चली गई है, उस के बेटे भी लावारिस जैसे हो गए हैं. ऐसे कामों में ऐसा ही होता है. Rajasthan Crime Story
—कथा पुलिस सूत्रों पर आधारित






