Hindi Crime Triller. शक का दायरा श्यामली और शायंतनी के इर्दगिर्द सिमट जाने के बाद डा. सुप्रिया की हत्या की तसवीर करीबकरीब साफ हो गई थी. अब इंसपेक्टर गौरी को केवल यह पता लगाना था कि सुप्रिया की हत्या क्यों और कैसे की गई? साथ ही यह भी कि इस काम में श्यामली और शायंतनी दोनों शामिल थीं या यह किसी एक का काम था.
रोहित के अनुसार उस के पास 2 मोबाइल थे. घटना वाले दिन वह देर शाम अपने हौस्टल से चुपचाप निकल कर नर्सिंगहोम आया था. अंधेरे में वह इसलिए आया था ताकि भूल से भी भैया या उन के किसी करीबी की नजर उस पर न पड़ जाए. श्यामली को बाहर
बुला कर उस ने उसे अपना सैमसंग का मोबाइल दे दिया और सुबह को शिवाजी पार्क में मिलने की बात कह कर वापस लौट गया.
सुबह वह शिवाजी पार्क में आया भी, लेकिन श्यामली वहां नहीं पहुंची. इस से उसे चिंता हुई कि कहीं श्यामली फोटो खींचते वक्त पकड़ी तो नहीं गई. उसे चूंकि अपने मोबाइल की चिंता थी इसलिए छिपछिपा कर वह नर्सिंगहोम की ओर गया. लेकिन बाहर पुलिस जिप्सी खड़ी देख वहां से हट गया. वहीं पर उसे एक आदमी से पता चला कि ज्योति नर्सिंगहोम में डा. सुप्रिया का मर्डर हो गया है. इस के बाद वह बुरी तरह डर गया और अपने हौस्टल लौट गया. डर की वजह से उस ने श्यामली को फोन भी नहीं किया था. रोहित के अनुसार नर्सिंगहोम में उस का मोबाइल जरूर मौजूद था लेकिन उस रात उस ने नर्सिंगहोम में कदम भी नहीं रखा था.






