True Crime. आप ने अकसर ऐसे मामले सुने होंगे, जहां संपत्ति को ले कर भाइयों के बीच विवाद हो जाता है. लेकिन यह मामला रिश्तों को शर्मसार करने वाला है. यहां डेढ़ सौ करोड़ रुपए की संपत्ति के लिए एक बेटे ने अपने ही पिता की गोली मारकर हत्या कर दी.
सबसे बड़ा सवाल यह है कि उस संपत्ति का वारिस वही था, आखिर उस ने अपने पिता की जान लेने जैसा खौफनाक कदम क्यों उठाया? आइए जानते हैं इस वारदात की पूरी कहानी.
यह घटना उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की है. यहां देर रात शराब के नशे में घर पहुंचे बड़े बेटे निखिल ने कथित तौर पर डेढ़ सौ करोड़ रुपए की संपत्ति को ले कर अपने पिता हरिओम चौधरी पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. चेहरे और सीने में 6 गोलियां लगने से हरिओम की मौके पर ही मौत हो गई.
पति का शव देखकर मां मीनाक्षी की चीख निकल पड़ी, जबकि गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए. मां ने बेटे से कहा, तूने पूरा परिवार उजाड़ दिया.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हरिओम चौधरी के नाम मोदीनगर में करीब 75 बीघा जमीन और दिल्ली-मेरठ रोड पर जीवन अस्पताल के सामने एक मार्केट है. उन की कुल संपत्ति लगभग डेढ़ सौ करोड़ रुपए की बताई जा रही है. परिवार में पत्नी मीनाक्षी, बड़ा बेटा निखिल और छोटा बेटा नीशू हैं. दोनों बेटों की अभी शादी नहीं हुई है.
बताया जा रहा है कि निखिल संपत्ति अपने नाम कराने के लिए पिता पर लगातार दबाव बना रहा था, लेकिन हरिओम इस के लिए तैयार नहीं थे. उन का कहना था कि बेटा जमीन बेचकर पैसे शराब में उड़ा देगा. घटना वाली रात भी पिता ने उसे शराब पीने को ले कर फटकार लगाई थी.






