Bihar Tender Scam. कबाड़ के ठेकेदार रिशु रंजन सिन्हा उर्फ रिशुश्री ने अपनी वाकपटुता के जरिए बिहार के अनेक विभागों में गहरी पैठ बना ली थी. वहां के अधिकारियों से उस के संबंध इतने गहरे हो गए थे कि उस के खास ठेकेदारों को ही करोड़ों रुपए के काम के टेंडर दिए जाने लगे. एक महिला वकील की शिकायत पर जब जांच शुरू हुई तो करोड़ों रुपए का टेंडर घोटाला सामने आया और इस घोटाले में कई आईएएस अधिकारियों के नाम भी सामने आए. एक कबाड़ी से अरबपति बने रिशुश्री के इशारे पर कैसे चल रहा था यह खेल?

9 साल पहले साल 2017 में बिहार में उस वक्त जदयू, राजद और कांग्रेस महागठबंधन की सरकार थी. इसलिए राजद विधायक गुलाब यादव और आईएएस संजीव हंस में स्वाभाविक रूप से गहरी पहचान थी. एडवोकेट सुश्री नलिनी कुमारी और शिवनंदन भारती वर्ष 2009 से फरवरी 2016 के बीच पटना हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट गजेंद्र प्रसाद यादव के जूनियर के रूप में प्रैक्टिस करते थे.

नलिनी महत्त्वाकांक्षी थी, वह कुछ अलग पहचान के लिए प्रयत्नशील रहती. इसी क्रम में साथी एडवोकेट शिवंदन भारती ने नलिनी की भेंट विधायक गुलाब यादव से कराई. नलिनी मनमोहक, स्मार्ट, तेजतर्रार व बातूनी थी. गुलाब यादव नलिनी के रूपलावण्य पर फिदा हो गया. इसलिए फंसाने की चाल चली.

https://youtube.com/shorts/I5RYD-AkCOw?si=kN0eh370FKpKBZWc

विधायक गुलाब यादव ने कहा, ''वकील साहिबा, मेरे पास आ गई हैं तो समझो सफलता की पहली सीढ़ी पर कदम रख दिया. मेरी सरकार है, मैं तुम को महिला आयोग की सदस्य बनाने का वचन देता हूं. अपना बायोडाटा ले कर कल आ जाओ.’’

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