True Love Crime Story. बाबूराम अपनी ममेरी बहन गीता से ही प्यार करने लगा था. जब घर वालों को इस की भनक लगी तो दोनों को एकदूसरे से दूर करने के लिए उन्होंने बाबूराम की शादी नीलम से कर दी. लेकिन बाबूराम ने गीता के लिए अपनी नवविवाहिता को ही ठिकाने लगा दिया, साथ में उस की बहन को भी.
नीलम की शादी को अभी 3 महीने ही हुए थे. तब से वह सावन के महीने में अपने मायके आई थी. रक्षाबंधन पर अपने 2 छोटे भाइयों को राखी बांधने के बाद उसे अपनी ससुराल लौट जाना था. रक्षाबंधन 10 अगस्त को था. 3 अगस्त को जब वह घर में मां के साथ कामकाज में हाथ बंटा रही थी, तभी उस के मोबाइल की घंटी बजी. वह काम छोड़ कर कमरे में गई और मेज पर रखे मोबाइल को उठा कर देखा. फोन उस के पति बाबूराम का था. उस ने तुरंत काल रिसीव की.
उस के हैलो कहते ही बाबूराम की आवाज सुनाई दी, ‘‘नीलम, तुम दातागंज आ जाओ, मैं तुम्हें गोपालसिद्ध का मेला दिखा कर लाऊंगा.’’
नीलम ने बहाना बना कर उसे टालना चाहा तो बाबूराम बोला, ‘‘देखो नीलम, ऐसा मौका बारबार नहीं आएगा, इसलिए आ जाओ. मैं तुम्हारा इंतजार कर रहा हूं.’’ बाबूराम ने अधिकार भरे शब्दों में अपनी बात कह कर जगह बता दी और फोन काट दिया.
https://youtube.com/shorts/Cmo_2PVLUPA?si=hRHTh_KaK1WRGL2S
नीलम को बाबूराम पर बिलकुल भरोसा नहीं था. 3 महीने में वह उसे जितना जान पाई थी, उस से उसे लगता था कि बाबूराम उसे पसंद नहीं करता. लेकिन वह उस का पति था और जिद कर रहा था, इसलिए जाना उस की मजबूरी थी.






