UP Crime News. गणेश ने कोशिश कर के दोस्त राजू की पत्नी से शारीरिक संबंध क्या बनाए, उसे वह पत्नी ही समझने लगा. जब इस बात का पता राजू को लगा तो उस ने दोनों को मारपीटा ही नहीं, जान से मारने की धमकी भी दी. लेकिन वह कुछ कर पाता, उस के पहले ही गणेश ने उस का काम तमाम कर दिया.
दोपहर का वक्त था. वंदना नहा कर बाथरूम से निकली तभी ‘भाभीभाभी’ कहता हुआ गणेश उस के घर आ पहुंचा. उस समय वंदना के शरीर पर मात्र पेटीकोटब्लाउज था. उस के जुल्फों से पानी की बूंदें टपक रही थीं. गणेश की निगाहें वंदना के मखमली बदन पर जैसे पानी की बूंदों की तरह चिपक कर रह गई थीं.
गणेश की इस हरकत को वंदना समझ रही थी. वह न तो शरमाई और न ही वहां से भाग कर दूसरे कमरे में गई. बल्कि वह नजाकत से चलते हुए उस के और करीब आ गई. गणेश रिश्ते से उस का देवर लगता था. उन के बीच अकसर मजाक भी होता रहता था. वंदना उस के एकदम करीब आ कर बोली, ‘‘गणेश, खड़े क्यों हो, बैठ जाओ न.’’
वंदना के कहने के बावजूद गणेश चारपाई पर नहीं बैठा, बल्कि खड़ेखड़े उसे अपलक निहारता रहा. उस के मन में कोई तूफान मचल रहा था. वंदना मादक मुसकान बिखेरती हुई मुड़ी और अंदर वाले कमरे में चली गई. गणेश तब भी अपनी जगह जमा रहा. वंदना कुछ देर बाद बाहर आई तो गणेश की आंखें फिर उस के चेहरे पर टिक गईं. आखिर वंदना से रहा नहीं गया तो उस ने पूछ ही लिया, ‘‘क्या बात है गणेश, तुम आज मुझे इस तरह से क्यों देख रहे हो?’’






