Corruption : अलगअलग प्रदेशों में स्थित लोक सेवा आयोग प्रशासनिक पदों के अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करता है. आयोग की इस चयन प्रक्रिया पर सभी को पूरा विश्वास रहता है, लेकिन छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी और अन्य लोगों ने करोड़ों रुपए ले कर अपने फेमिली वालों, रिश्तेदारों व अन्य लोगों को जिस तरह डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी आदि उच्च पदों पर बैठाया, उस की सीबीआई जांच में पोल खुल गई. आखिर कैसे हुआ यह पूरा घोटाला?
प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना देखने वाले नौजवान सालोंसाल पीएससी परीक्षा की तैयारी करते हैं, मगर अधिकांश के सपनों की उड़ान पूरी नहीं हो पाती, क्योंकि सरकारी तंत्र और भ्रष्ट अधिकारी अपने चहेतों को मनमाफिक पदों पर भरती कराने के लिए योग्य उम्मीदवारों के हकों पर कुठाराघात करते हैं. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की भरती परीक्षा में भी हुई धांधली ने परीक्षा लेने वाले तंत्र की पोल खोल कर रख दी है.
वी. चंद्राकर की छोटी बहन भी सीजीपीएससी की तैयारी कर रही थी. उस ने डिप्टी कलेक्टर बनने का सपना देखा था. 2021-22 में परीक्षा में पास होने के लिए वह एड़ीचोटी का जोर लगा रही थी. एक दिन उस के फूफाजी ने फोन करते हुए कहा, ''बेटा, तुम्हारी पीएससी परीक्षा की तैयारी कैसी चल रही है?’’
''फूफाजी, तैयारी तो हर बार अच्छी करती हूं, मगर सिलेक्ट नहीं हो पा रही हूं.’’
''वैसे मैं ने तुम्हें पास कराने का जुगाड़ कर लिया है.’’
''क्या कह रहे हो फूफाजी, आप को मेरी बहुत फिक्र रहती है.’’
''हां बेटा, रायपुर में मेरे एक परिचित हैं, जिन की बड़े अधिकारियों और नेताओं तक पहुंच है. पापाजी से कहना कि वह मेरे साथ उन से मिलने रायपुर आ जाएं.’’






