Social Story: गांव के गरीब मजदूर आसरे की खूबसूरत पत्नी राधा पर छोटे ठाकुर बिच्छू सिंह का दिल आया तो उसे पाने के लिए उस ने आसरे को शराब पीना ही नहीं, जुआ खेलना भी सिखा दिया. क्या जुआ में राधा को जीत कर वह राधा को अपनी अंकशायिनी बना सका?
दिलीप को पता था कि उस के गुरू पं. भगवती प्रसाद चौबे सवेरेसवेरे मोहल्ले के नाई से मालिश करवाते थे. उस वक्त वह फुरसत में होते थे, इसलिए उन से बातचीत की जा सकती थी. वह चोटी के वकील थे. उन की बैठक में पहुंच कर दिलीप ने नमस्ते किया तो वह मुसकुराए.
उन्होंने दिलीप को देखते ही पूछा, ‘‘आओ दिलीप बेटा, सुबहसुबह कैसे?’’
‘‘बाबूजी, मैं ने वकालत तो शुरू कर दी है, पर मेरी मां कहती हैं कि इस पेशे में झूठ बहुत बोलना पड़ता है, जिस से चरित्रहीनता आ जाती है.’’
‘‘बेटे, हर झूठ, झूठ नहीं होता. हमें देखना होता है कि क्या, किस से, कहां और क्यों बोला जा रहा है और कितना बोला जा रहा है.’’
‘‘यानी झूठ कई तरह के होते हैं?’’
‘‘यही तो समझने की बात है. मिसाल के तौर पर एक फौजदारी अदालत में पुलिस ने एक नाजायज तमंचा रखने पर अभियुक्त को न्यायालय में पेश कर दिया. पुलिस ने 4 चश्मदीद गवाह पेश किए, जिन्होंने अभियुक्त के पास से पिस्तौल की बरामदगी की पक्की गवाही दी. जबकि अभियुक्त ने अपने वकील को बताया है कि रंजिश की वजह से उस पर झूठा मुकदमा बनाया गया है और गवाह पुलिस के दबाव से झूठी गवाही दे रहे है. वकील साहब जिरह करतेकरते थक गए, पर कोई गवाह सच नहीं बोला.’’






