UP Crime: शिवानी निषाद की शादी देवरिया के युवक से हो जरूर गई थी, लेकिन वह किसी भी कीमत पर अपने प्रेमी विनय उर्फ दीपक निषाद को छोडऩा नहीं चाहती थी. विनय ने उसे लाख समझाया, लेकिन वह प्रेमी के साथ रहने की जिद पर अड़ी थी. एक दिन प्रेमी पर हक जमाना शिवानी को इतना भारी पड़ा कि...

अपनी प्रेमिका शिवानी की जिद से विनय उर्फ दीपक निषाद डर चुका था. उस की समझ में नहीं आ रहा था कि उसे शिवानी से कैसे निबटा जाए? जिस तरह से वह अपनी जिद पर अड़ी हुई थी, सचमुच उस के गले की हड्डी बन गई थी, जो न तो निगली जा रही थी और न ही उगली ही जा रही थी. इसी उहापोह में उस ने शिवानी से निबटने के लिए एक खतरनाक रास्ता अख्तियार करने के लिए अपना मन मजबूत कर लिया था.

शिवानी उसे पहले ही बता चुकी थी कि वह 23 नवंबर, 2025 को अपनी चचेरी बहन की शादी में शामिल होने के लिए ससुराल से आ रही है. वह हमेशाहमेशा के लिए ससुराल छोड़ कर मायके रहने के लिए आ रही है. विनय के दिमाग में तभी एक खतरनाक प्लान ने जन्म ले लिया. काफी सोचविचार कर उस ने इसी मौके पर प्रेमिका शिवानी को मौत के घाट उतारने का प्लान बनाया. खतरनाक प्लान बना कर वह मन ही मन बहुत खुश हो रहा था.

शादी से 3 दिन पहले यानी 21 नवंबर, 2025 को देवरिया में स्थित अपनी ससुराल से शिवानी चचेरी बहन की शादी में शरीक होने के लिए रसूलपुर अपने मायके पति के साथ आई. ससुराल के बाकी सदस्य शादी वाले दिन आने वाले थे. वह बहुत खुश थी. उस के खुश होने का सब से बड़ा कारण शादी में शरीक होना नहीं था, बल्कि वह इसलिए खुश हो रही थी कि उस का मिलन उस के प्रेमी विनय से होने वाला था, क्योंकि प्रेमी ने उसे वचन दिया था कि वह उसे हमेशा के लिए अपना लेगा. यही सोचसोच कर वह खुश हो रही थी.

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