Punjab Crime Story. अवतार सिंह भले ही सुखविंदर को प्यार करता था, लेकिन सुखविंदर उसे सिर्फ अपना दोस्त मानती थी. इस के बावजूद उस के घर वालों ने उन की इस दोस्ती का गलत अर्थ लगाया और इज्जत के नाम पर अवतार की जान ले ली.
पंजाब के जिला तरनतारन के थाना सदर की पुलिस चौकी मानोचहल जा कर वहां की पुलिस को गांव दयाल राजपूतान के रहने वाले ज्ञान सिंह ने सूचना दी कि उस का 18 साल का बेटा अवतार सिंह अपने देस्त गुरविंदर सिंह के साथ किसी दोस्त के भाई की शादी में गया तो लौट कर नहीं आया.
ज्ञान सिंह गांव में ही रह कर खेतीबाड़ी करते थे. उन के परिवार में पत्नी के अलावा 3 संतानें थीं. 24 साल की बड़ी बेटी अमृतपाल कौर, जिस की शादी हो चुकी थी. उस से छोटे अवतार सिंह, और आकाशदीप पढ़ रहे थे. 7 जनवरी की शाम उसी गांव का रहने वाला गुरविंदर मोटरसाइकिल ले कर आया तो घर में दोस्त के भाई की शादी में जाने की बात कह कर अवतार उसी के साथ गया था.
रात 11 बजे तक उस ने घर वालों से वापस आने को कहा था. लेकिन जब वह 1 बजे तक लौट कर नहीं आया तो ज्ञान सिंह और उन के पूरे परिवार को चिंता हुई. कोई हल न देख कर उन का पूरा परिवार रात भर इंतजार करता रहा, पर वह नहीं लौटा तो नहीं लौटा.
तुम्हारा बेटा अवतार अपने दोस्त गुरविंदर के साथ गया था न? चौकी प्रभारी एएसआई नरिंदर सिंह ने पूछा. जी हां... तुम ने गुरविंदर से उस के बारे में पूछा था कि अवतार सिंह कहां रह गया? वह घर पर है या नहीं? जी पूछा था, वह अपने घर पर ही था. अवतार के बारे में पूछने पर उस ने बताया था कि जब दोनों शादी में जाने के लिए गांव से बाहर निकले, तभी उन्हें गांव शाबाजपुर का एक और दोस्त मिल गया.






