Murder for Diamond. हीरा कारोबारी रतन जडि़या को जहां सीता की खूबसूरत देह भा गई थी, वहीं सीता उन के पास रखा बेशकीमती हीरा पाना चाहती थी. दोनों के ही अपनेअपने स्वार्थ थे. लेकिन मजे की बात यह रही कि दोनों के ही स्वार्थ पूरे नहीं हुए.
25 फरवरी, 2016 की बात है. दोपहर के एक बजे पन्ना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक आर.एन. खातरकर किसी पुराने केस की फाइल को देख रहे थे, तभी कलेक्टर औफिस के पास स्थित धाम कालोनी में रहने वाले एक व्यक्ति ने उन्हें फोन कर जो जानकारी दी, उसे सुन कर उन्होंने फाइल टेबल पर उसी तरह छोड़ दी और सहयोगियों को ले कर मौके पर पहुंच गए.
वहां एक कोठी के बाहर कुछ लोग जमा थे. पता चला कि कोठी के एक कमरे का ताला बंद था और उस से दुर्गंध आ रही थी. वह कोठी शहर के प्रसिद्ध हीरा व्यापारी और कांग्रेस के पुराने नेता रतन जडि़या की थी. उस में वह अपनी पत्नी और 28 वर्षीया एकलौती बेटी के साथ रहते थे.
कमरे से जिस तरह की दुर्गंध आ रही थी, उस से मामला संदिग्ध लग रहा था. इसलिए आर.एन. खातरकर ने अपने साथ आए स्टाफ से दरवाजा तोड़ने को कहा. दरवाजा तोड़ने का शोर सुन कर कोठी के एक हिस्से में रहने वाले किराएदार की बेटी बाहर आ गई. कोतवाली प्रभारी ने उस से पूछताछ की तो उस ने बताया कि आंटी और दीदी यानी रतन जडि़या की पत्नी और बेटी 20 फरवरी को भोपाल चली गई थीं. उन की गैरमौजूदगी में वही रतन जडि़या के खानेपीने का ध्यान रखती थी.






