Organ Trafficking . किडनी किंगपिन टी. राजकुमार राव ने देश के विभिन्न राज्यों में अपना नेटवर्क बना रखा था. इस में दिल्ली के एक मशहूर अस्पताल में काम करने वाले कर्मचारी भी शामिल थे. यदि इस रैकेट के सदस्य देवाशीष का अपनी पत्नी मोमिता से झगड़ा न हुआ होता तो शायद रैकेट का भंडाफोड़ अभी नहीं हो पाता.
सरिता विहार के थानाप्रभारी मनिंदर सिंह अपने औफिस में बैठे थे, तभी उन के पास देवाशीष नाम का एक व्यक्ति आया. उस ने बताया, सर, मैं अपनी पत्नी मोमिता का यहां के एक अस्पताल में इलाज कराने आया था. वह यहां से असीम सिकदर के साथ भाग गई है. हम पहाड़गंज के जिस होटल में ठहरे थे, मैं उस होटल में भी देख आया हूं. वहां उन दोनों में से कोई नहीं है. सर, मेरी पत्नी को ढूंढने में मदद कीजिए.
देवाशीष की बात सुन कर थानाप्रभारी ने उसे एक नजर देखा. उस की उम्र 30 साल के करीब थी. बीवी के भाग जाने से वह काफी परेशान दिख रहा था. थानाप्रभारी ने उस से पूछा, तुम कहां के रहने वाले हो और असीम कहां का रहने वाला है? सर, मैं तो कोलकाता का रहने वाला हूं, जबकि असीम उत्तरी 24 परगना का. देवाशीष ने बताया. तुम्हारी पत्नी को क्या बीमारी थी, जो तुम उसे इलाज के लिए कोलकाता से यहां लाए थे? मनिंदर सिंह ने पूछा. उस की किडनी में प्रौब्लम थी. देवाशीष ने कहा.
मनिंदर सिंह को यह बात थोड़ा अजीब लग रही थी कि यह पत्नी को इलाज के लिए लाया था और वह इलाज कराने के बजाय भाग गई. लेकिन बात एक महिला के गायब होने की थी, इसलिए उन्होंने इस मामले की रिपोर्ट दर्ज करनी जरूरी समझी. उन्होंने देवाशीष से उस का पूरा पता पूछा तो वह पता बताने में आनाकानी करने लगा. तब मनिंदर सिंह ने कहा कि उस की रिपोर्ट दर्ज करनी है, इसलिए उसे अपना पूरा पता तो बताना ही पड़ेगा. नहीं सर, मैं रिपोर्ट नहीं दर्ज कराना चाहता. आप उसे वैसे ही ढुंढ़वा दीजिए. उस ने घबरा कर कहा.






