Gang Rape Case. उत्तर प्रदेश में महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों में जिस तरह बाढ़ सी आ गई है, उन्हें देख कर लगता है कि सरकार या तो अपराधियों पर लगाम लगाने में नाकाम है या फिर यह सब एक सोचीसमझी साजिश के तहत हो रहा है.
करीब ढाई साल पहले उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनावों में समाजवादी पार्टी को जब स्पष्ट बहुमत मिला तो पार्टी से जुड़े लोग बहुत खुश थे. युवा नेता अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की बागडोर संभाली तो प्रदेश की जनता को उन से उम्मीद बंधी कि प्रदेश के विकास में वह लीक से हट कर काम करेंगे जिस से उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश बन सकेगा. विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी का उत्तम प्रदेश बनाने का वादा भी था. लेकिन हुआ इस का उलटा.
समाजवादी पार्टी की सरकार बनने के बाद आपराधिक तत्त्वों के हौसले इतने बुलंद हो गए कि शरीफ आम आदमी खुद को असुरक्षित महसूस करने लगा. कानूनव्यवस्था नाम की चीज न हो कर प्रदेश में जंगलराज कायम हो गया. एक जाति विशेष से जुड़े लोगों की गुंडागर्दी बढ़ गई. बदायूं में 2 किशोरियों की दुष्कर्म कर के हत्या करना और उन्हें पेड़ पर लटकाने वाली घटना इसी जंगलराज का नतीजा थी.
बदायूं जिले के कटरा सआदतगंज में रहने वाली 2 नाबालिग बहनों को सामूहिक दुष्कर्म के बाद पेड़ से लटकाने की घटना ने प्रदेश सरकार के कार्यकलापों पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है. दलित बिरादरी की 2 बहनें 27 मई की शाम को शौच के लिए जा रही थीं. जैसे ही वे गांव की पुलिस चौकी के पास से गुजरीं तो गांव के ही कुछ युवकों ने उन्हें दबोच लिया. उन के साथ उस पुलिस चौकी में तैनात 2 कांस्टेबल छत्रपाल यादव और सर्वेश यादव भी थे.






