Hindi Crime Story. पोंगा पंडित के जाल में इंटर कालेज के लेक्चरर सुधाकर वर्मा पत्नी बीना वर्मा की भावनाओं को समझ नहीं पाए, जिस की वजह से उन के बीच कलह रहने लगी. बीना वर्मा के मायके में आने वाले एक पुरोहित हनु उपाध्याय ने अपना हित साधने के लिए बीना को ऐसी सलाह दी कि वह न तो घर की रही और न घाट की.
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के स्योहारा कस्बे का रहने वाला सुधाकर वर्मा मुरादाबाद के एक इंटर कालेज में लेक्चरर था. मुरादाबाद में कमरा ले कर रहने के बजाय वह घर से ही रोजाना अपनी ड्यूटी पर आताजाता था, जबकि उस की पत्नी बीना वर्मा उस से बारबार कहती कि वह मुरादाबाद में ही एक कमरा किराए पर ले लें. जहां उस के साथ वह भी रह लेगी. लेकिन सुधाकर मांबाप की सेवा करने की बात कह कर उस की बात अनसुनी कर देता था.
बीना वर्मा ने अंगे्रजी विषय से एमए किया था. शादी से पहले उस के भी अरमान थे कि उस का पति ऐसा हो, जो उस की भावनाओं को समझे. उसे अपनी आंखों पर बिठाए रखे और वह उस के साथ किसी शहर में रहे.
सुधाकर वर्मा से शादी हो जाने के बाद बीना बहुत खुश थी, क्योंकि वह एक कालेज में पढ़ाता था. बीना चाहती थी कि वह गांव के माहौल से निकल कर पति के साथ मुरादाबाद शहर में रहे. मगर सुधाकर अपने घर वालों से उसे अलग नहीं करना चाहता था.
इसी बीच बीना एक बेटे की मां भी बन गई, जिस का नाम स्पर्श रखा गया. बेटा पैदा होने के बाद घर के सभी लोग खुश थे. बीना बेटे की परवरिश में लग गई. जब वह कुछ बड़ा हो गया तो बीना पति से मुरादाबाद में रहने की जिद करने लगी.






