Cyber Crime. जेम्स इलोडूबा ने ब्रिटिश नागरिक फेलिप बन कर अंजलि से करीब ढाई लाख रुपए ठग लिए तो उस ने भी तय कर लिया कि वह इस धोखेबाज दोस्त को उस की असली जगह पहुंचा कर रहेगी. 

लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर बने व्हीलर बुक स्टौल के बगल खड़ी अंजलि दिल्ली से आने वाली स्वर्णशताब्दी ट्रेन से आने वाले अपने फेसबुक फ्रैंड फेलिप का बड़ी बेचैनी से इंतजार कर रही थी. वह लंदन का रहने वाला था. फोटो के हिसाब से वह गोराचिट्टा और स्मार्ट अंगरेज था. इसीलिए तो वह उसे अपने सपनों का राजकुमार मान बैठी थी. लेकिन ट्रेन आने के बाद जब एक कालेकलूटे युवक ने उस के पास आ कर कहा, ‘‘हाय अंजलि, मैं तुम्हारा फेसबुक फ्रैंड फेलिप.’’

तो उस युवक को देख कर एक पल के लिए अंजलि को यही लगा कि वह बेहोश हो जाएगी. उस के सामने फेसबुक के फोटो वाले गोरेचिट्टे स्मार्ट अंगरेज की जगह कालाकलूटा नीग्रो खड़ा था. यही वजह थी कि उसे देख कर वह पहचान नहीं पाई थी.

लेकिन तुरंत ही उस ने स्वयं को संभाल कर अपना हाथ उस की ओर बढ़ाते हुए कहा, ‘‘पहली बार देख रही हूं न, इसलिए पहचान नहीं पाई. कैसा रहा आप का सफर?’’

‘‘तुम्हारी ही तरह सफर भी बहुत खूबसूरत रहा. मैं पूरे रास्ते यही सोचसोच परेशान होता रहा कि हमारी अंजलि मुझे देख कर न जाने क्या सोचेगी?’’

‘‘फेलिप बातें तो तुम बहुत अच्छी कर लेते हो. शायद इसीलिए इतने प्यारे लगते हो.’’ अंजलि ने कहा.

अंजलि की बातों से खुश हो कर फेलिप ने अपना हाथ अंजलि के हाथ पर रखने के लिए आगे बढ़ाया तो अंजलि ने अपना हाथ पीछे करते हुए मन ही मन उसे सबक सिखाने का कठोर फैसला ले लिया. क्योंकि वह फेलिप के चेहरे के पीछे छिपे शैतानी दिमाग को पहचान चुकी थी.

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