पुष्पदीप की चिंता और बढ़ गई. अंकिता का भी कोई फोन नहीं आया था और न ही उस ने कोई मैसेज ही किया था. इस का क्या कारण हो सकता था, पुष्पदीप समझ नहीं पा रहा था. वह पूरी रात सो नहीं पाया और अंकिता के बारे में तरहतरह की बातें उस के दिमाग में आतीजाती रहीं.
अगले रोज उसे सोशल मीडिया के माध्यम से अंकिता भंडारी के रिजौर्ट से लापता होने की जानकारी मिली. ये सारी बातें अंकिता के फेसबुक फ्रैंड पुष्पदीप ने पुलिस को बताईं.
दरअसल, इस बारे में 19 सितंबर को उस के पिता वीरेंद्र भंडारी ने पौड़ी जिले के एसपी यशवंत सिंह को जा कर बताया था कि उस की बेटी अंकिता पिछले 2 दिनों से लापता हो गई है. इस की सूचना उन्होंने रिजौर्ट के मालिक पुलकित आर्य ने फोन पर दी थी.
उस ने यह भी बताया था कि अंकिता की गुमशुदगी की तहरीर राजस्व चौकी को भी दे दी गई है. इस पर जब वीरेंद्र भंडारी पुलकित से मिले, तब उस ने अंकिता के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दिया था.
वीरेंद्र भंडारी की बात सुन कर सिंह ने पहले डीएम (पौड़ी) डा. विजय कुमार जोगदंडे से बात की. पर्वतीय क्षेत्र में राजस्व चौकी उन्हीं के क्षेत्र में आती है. इस पर सिंह को यह जानकारी मिली कि अंकिता की गुमशुदगी के बारे में राजस्व चौकी ने कोई भी काररवाई नहीं की थी.
यह सुन कर सिंह का माथा ठनका और उन्होंने वीरेंद्र भंडारी को थाना लक्ष्मण झूला भेज कर वहां के एसएचओ संतोष कुंवर को अंकिता की तलाश करने और उस के मोबाइल की काल डिटेल्स निकालने के आदेश दिए.
एसएचओ संतोष कुंवर ने 21 सितंबर, 2022 को अपनी टीम के साथ वंतरा रिजौर्ट पहुंच कर अंकिता के लापता होने के बारे में रिजौर्ट के मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर सौरभ भास्कर तथा सहायक मैनेजर अंकित गुप्ता से पूछताछ शुरू की. वहां पूछताछ के दौरान तीनों ने अंकिता के लापता होने के बारे में किसी भी तरह की कोई ठोस जानकारी नहीं दी.
यहां तक कि उस के अचानक गायब हो जाने के बारे में कुछ नहीं बता सके. जब उन्होंने पुलिस के सवालों का सही तरह से जवाब नहीं दिया, तब पुलिस उन्हें लक्ष्मण झूला थाने ले आई. वहां भी उन से अंकिता के बारे में पूछताछ हुई.
पुलिस के सामने आ गईं सारी बातें
उन्होंने पुलिस के काफी दबाव के बावजूद वैसी कोई बात नहीं बताई, जिस से अंकिता के बारे में जानकारी मिल सके. अगले दिन लक्ष्मण झूला पुलिस को अंकिता के मोबाइल की काल डिटेल्स मिल गई. जिस से अंकिता के लापता होने के मामले में परदा उठने की उम्मीद दिख गई.
उस के मोबाइल का वह मैसेज मिल गया, जिस में 17 सितंबर को अपने फेसबुक फ्रैंड पुष्पदीप को कहा था कि यह बहुत गंदा रिजौर्ट है, यहां पर गलत काम होते हैं. जल्दी ही मैं ये नौकरी छोड़ दूंगी. मैं यहां आगे काम नहीं करूंगी.
इस के आलावा पुष्पदीप को किए गए एक वाट्सऐप चैट में अंकिता की वह बातें भी सामने आ गईं, जिस में उस ने बताया था कि उसे रिजौर्ट में वीआईपी गेस्ट को स्पैशल सर्विस देने के लिए कहा गया था.
कैसे उसे इस अतिरिक्त सेवा के लिए होटल मैनेजर ने वेतन के अलावा 10 हजार रुपए महीना देने की भी पेशकश की थी… किस तरह रिजौर्ट में ठहरे एक आदमी ने नशे की हालत में उसे गले लगा लिया था. इस का विरोध करने पर अंकित गुप्ता ने उसे कैसे शांत रहने का इशारा किया था.
अंकिता के मोबाइल की इस डिटेल से पुलिस के सामने रिजौर्ट की अंदरूनी सच्चाई का आभास हो गया. उस के बाद उस संबंध में काल डिटेल्स का हवाला देते हुए तीनों से दोबारा सख्ती से पूछताछ की गई. आखिरकार जब उन्होंने अंकिता के बारे में जो सच बताया, वह बेहद चौंकाने वाला था.
उस के अनुसार उन्होंने अंकिता भंडारी को चीला पावर हाउस की शक्ति नहर में धक्का दे दिया था. ऐसा उन्होंने इसलिए किया था, क्योंकि अंकिता ने रिजौर्ट में होने वाले कुकर्मों और अय्याशी की पोल खोलने की धमकी दी थी. उस के बाद ही उन्होंने अंकिता को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी.
आक्रोशित भीड़ ने किया थाने का घेराव
योजनाबद्ध तरीके से 18 सितंबर को अंकिता को घुमाने के बहाने बाइक से चीला की शक्ति नहर पर ले गए थे. वहां पहले तीनों ने शराब पी थी. फिर अंकिता को शक्ति नहर के तेज बहाव में धक्का दे दिया था. देखते ही देखते वह अथाह पानी में बह गई थी.
इस के बाद तीनों वापस रिजौर्ट लौट आए थे. उन्हें तब तक इस बात का जरा भी आभास नहीं था कि रिजौर्ट की गतिविधियों और अपनी मजबूरी के बारे में अंकिता अपने दोस्त को बता चुकी थी. उन्होंने पुलिस से बचने के लिए योजना बनाई थी.
पुलकित ने कुक से 4 लोगों का खाना बनाने को कहा था. पुलकित खुद ही अंकिता का खाना ले कर उस के कमरे में गया था, ताकि किसी को उस के लापता होने की जानकारी नहीं होने पाए. 19 सितंबर की सुबह तीनों ने अंकिता भंडारी के लापता होने की जानकारी सार्वजनिक कर दी थी. साथ ही इस बारे में क्षेत्र की राजस्व पुलिस को भी सूचित कर दिया था.
तीनों के द्वारा अंकिता को मौत के घाट उतारने के कबूलनामे के बयान सुन कर एसएचओ संतोष कुंवर हैरान रह गए. उन्होंने इस वारदात की सूचना एएसपी (पौड़ी) शेखर चंद सुयाल और एसपी (पौड़ी) यशवंत सिंह को दे दी. यह जानकारी पा कर अंकिता के पिता वीरेंद्र की हालत पागलों जैसी हो गई. वह दहाड़ मार कर थाने में ही रोने लगे.
पुलिसकर्मियों ने उन्हें ढांढस बंधाया और अपने साथ घटनास्थल पर ले जाने के लिए तैयार किया. थोड़ा सहज होने पर वीरेंद्र भंडारी ने इस की सूचना पौड़ी और देहरादून में रह रहे अपने कुछ रिश्तेदारों को भी दी.
देखते ही देखते 22 सितंबर, 2022 को 2 घंटे के भीतर वीरेंद्र के दरजनों रिश्तेदार थाना लक्ष्मण झूला पहुंच गए. उन्होंने अंकिता के साथ रिजौर्ट के संचालकों द्वारा किए गए उत्पीड़न को ले कर हंगामा खड़ा कर दिया.
एएसपी शेखर चंद सुयाल ने पहले अंकिता के रिश्तेदारों को शांत कराया. फिर अंकिता की तलाशी के लिए एसडीआरएफ की टीम बनाई गई. सभी ने पुलकित, सौरभ और अंकित द्वारा बताए घटनास्थल पर नहर में नाव से अंकिता की तलाश शुरू कर दी गई.
तब तक यह बात जंगल में आग की तरह पूरे शहर में फैल चुकी थी. रिजौर्ट का नाम आते ही खबर सनसनीखेज बन चुकी थी. पूरे शहर और प्रदेश में हंगामा खड़ा हो गया था.
एक तरफ चीला की शक्ति नहर में नावों द्वारा अंकिता की तलाशी के लिए सर्च औपरेशन चलाया जा रहा था और काल डिटेल्स को साक्ष्य मानते हुए तीनों आरोपियों के खिलाफ काररवाई शुरू कर दी थी, दूसरी तरफ थाने के बाहर अंकिता के परिजन व रिश्तेदार चिल्लाचिल्ला कर आरोपियों को उन के हवाले करने की मांग कर रहे थे.
अंकिता के परिवार और रिश्तेदारों के मुताबिक वह एक मेधावी छात्रा और अनुशासित लड़की थी. वह एक होनहार छात्रा थी. उस ने 12वीं क्लास में 88 फीसदी अंक हासिल किए थे. वह बहुत ही अनुशासित और प्यारी थी.
उस ने स्कूली शिक्षा के बाद होटल मैनेजमेंट में डिप्लोमा किया था और उसे ऋषिकेश के पास स्थित इस रिजौर्ट में वैकेंसी के बारे में पता चलने पर वहां जौब के लिए आवेदन किया था.