Mahipalpur Murder Case. शादीशुदा शर्मिला पर आशिकी का ऐसा जुनून सवार हुआ कि वह पति के मौसेरे भाई दर्शन सिंह से नैन लड़ा बैठी. उसी के साथ रहने के लिए उस ने ऐसी साजिश रची कि...
दर्शन सिंह दक्षिणपश्चिमी दिल्ली के महिपालपुर इलाके में अपनी बीवीबच्चों के साथ रहता था. उस के पास कई टैक्सियां थीं, जो एयरपोर्ट पर किराए पर चलती थीं. जिन से उसे रोजाना मोटी कमाई होती थी. एयरपोर्ट की ही जमीन पर पोस्टऔफिस के सामने एक मंदिर है. उस मंदिर के पुजारी महेशचंद दुबे को अकसर दर्शन सिंह ही खाना पहुंचाता था.
18 जुलाई, 2014 को भी वह मंदिर के पुजारी को दोपहर का खाना पहुंचाने गया. पुजारी को खाना देने के बाद वह मंदिर के बाहर बने चबूतरे पर बैठ गया. वहां बैठे हुए उसे अभी कुछ ही देर हुई थी कि उस के सामने 5 युवक आ कर खड़े हो गए. पांचों के हाथों में रिवाल्वर थे.
पांचों हथियारबंद युवकों ने दर्शन सिंह को चारों तरफ से घेर लिया. वे कोई और नहीं, दर्शन सिंह का मौसेरा भाई अनिल और उस के साथी थे. खुद को हथियारों के बीच घिरा देख कर डर की वजह से उस की घिग्घी बंध गई.
बचने के लिए उस का वहां से भाग पाना नामुमकिन था. इस से पहले कि वह उन लोगों से अपनी जान बख्शने के लिए कुछ कहता, उन्होंने उस के ऊपर गोलियां चला दीं.
दर्शन सिंह को 4 गोलियां लगीं, जिस से वह वहीं लुढ़क गया. जिस समय हमलावर दर्शन सिंह पर गोलियां चला रहे थे, 2 गोलियां नितिन चौधरी नाम के एक हमलावर के पेट में जा लगी थीं. उन लोगों ने दर्शन सिंह को ढेर तो कर दिया, लेकिन उन का भी एक साथी घायल हो गया था. इस से वे घबरा गए. हमलावर सफेद रंग की हुंडई आई20 कार से आए थे, जो उन्होंने वहां से कुछ दूरी पर खड़ी कर रखी थी. उसी कार में वे नितिन को डाल कर ले गए.






