Honey Trap Crime. महिलाओं,  खासकर सुंदर महिलाओं से मिलाने का झांसा दे कर पैसे वाले लोगों को फंसाना आम सी बात हो गई है. ऐसा ही कुछ इस मामले में भी हुआ...

राजस्थान के चुरू जिले का एक मुख्य कस्बा है साहवा. इसी कस्बे में रहते थे पूर्व तहसीलदार मनोहरलाल स्वामी. वह 28 फरवरी, 2014 को रिटायर हो चुके थे. दोनों बेटों और एक बेटी का विवाह कर के पारिवारिक जिम्मेवारियों से भी मुक्त हो चुके थे. उन के पास 50 बीघा जमीन थी. उस से होने वाली आय के अलावा उन्हें अच्छीखासी पेंशन भी मिल रही थी, जिस से स्वामी दंपति के दिन मजे से गुजर रहे थे.

मनोहरलाल चाहते थे कि उन के किसी प्लौट या खेत   में किसी मोबाइल कंपनी का टावर लग जाए तो आमदनी और बढ़ जाए. इस के लिए उन्होंने काफी कोशिश भी की थी, लेकिन सफलता नहीं मिली थी. 17 मई, 2016 की सुबह मनोहरलाल के फोन पर एक मिस्डकाल आई. स्वामी ने स्क्रीन पर देखा तो नंबर सुमन सेठ का था. सुमन का नाम देखते ही स्वामी का चेहरा खिल उठा. वह उसे जानते थे. वह जिला हनुमानगढ़ के कस्बा भादरा निवासी सीताराम अग्रवाल की पत्नी थी.

सन 2009-10 में मनोहरलाल भादरा में तहसीलदार रहे थे. तब वह सुमन के यहां किराए पर रहते थे. उस का मायका और मनोहरलाल की ननिहाल एक ही गांव में थी. इसलिए दोनों परिवारों में अच्छे संबंध थे. वह उन्हें साहब कहती थी.

मनोहरलाल ने तुरंत पलट कर    सुमन को फोन किया तो दूसरी ओर से फोन रिसीव होते ही मनोहरलाल ने   कहा, ‘‘कहो सुमन, कैसे याद किया?’’

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