Cancer Drug Racket. कैंसर वार्ड में जिंदगी की आखिरी उम्मीद बनी एक वायल, जब काला बाजार की तिजोरी में पहुंच जाए तो यह सिर्फ दवा की चोरी नहीं, बल्कि मरीज की सांसों का सौदा है. दिल्ली क्राइम ब्रांच द्वारा पिछले दिनों अलगअलग जगहों पर एक साथ की गई छापेमारी ने 9 करोड़ की दवाओं, 17 गिरफ्तारियों के साथ उसी सिंडिकेट को बेनकाब किया, जो अस्पताल के स्टोर से महंगी दवाएं चुरा कर बाजार में बेच रहा था.

कैंसर अस्पताल के उस कमरे में एक मरीज जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा था. डौक्टरों की टीम उस के इलाज में जुटी थी. फेमिली वालों की निगाहें डौक्टर के चेहरे पर टिकी थीं. उन्हें उम्मीद थी कि महंगी दवा का इंजेक्शन मरीज की हालत संभाल देगा, लेकिन उन्हें क्या मालूम था कि देश के किसी दूसरे हिस्से में कुछ लोग उन्हीं जीवनरक्षक दवाओं को पैसे कमाने का जरिया बना चुके हैं.

यह दवाएं किसी सामान्य बीमारी की नहीं थीं. इन में कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली बेहद महंगी दवाएं थीं. एकएक दवा की कीमत हजारोंलाखों रुपए तक पहुंच सकती थी. मरीज और उस की फेमिली के लिए ये दवाएं केवल दवा नहीं, बल्कि जिंदगी की आखिरी उम्मीद होती हैं.

22 जून, 2026 को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की इंटरस्टेट सेल को एक ऐसी सूचना मिली, जिस ने जांच अधिकारियों का ध्यान खींच लिया.

https://youtube.com/shorts/17YZ-6mN1uM?si=xVqoWHyHM6exZvNt

सूचना यह थी कि महंगी एंटी कैंसर दवाओं का एक संगठित नेटवर्क दिल्ली से बाहर तक सक्रिय है. दवाएं सामान्य मैडिकल सप्लाई चैनल से नहीं, बल्कि संदिग्ध रास्तों से इधरउधर भेजी जा रही हैं.

आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

डिजिटल

(1 साल)
₹ 399₹ 299
सब्सक्राइब करें

डिजिटल + 12 प्रिंट मैगजीन

(1 साल)
₹ 1239₹ 799
सब्सक्राइब करें

बुकलेट की सुपर डील!

(डिजिटल + 12 प्रिंट मैगजीन + बुकलेट!)
₹ 1514₹ 999
सब्सक्राइब करें
और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...