Child Kidnapping Case. बेरोजगारी से तंग आ कर राधिका ने अपने भाई और सहेली के साथ मिल कर अपनी गरीबी दूर करने का जो शार्टकट रास्ता अपनाया, वह एकदम फिल्मी निकला. उन्होंने बैंक लूटने जैसी कई योजनाएं बनाईं, लेकिन सफलता नहीं मिली. आखिर उन्होंने लाखों रुपए पाने के लिए अगला कदम उठाया, ङ्क्षकतु आधुनिक तकनीकी जांच के आगे उन की योजना बालू की भीत साबित हुई और सभी 5 घंटे के भीतर इस तरह दबोच लिए गए कि...
इंदौर का रहने वाला विनीत प्रजापति (22 वर्ष) पिछले कई महीने से बेरोजगार चल रहा था. उसे एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी मिली थी. वह कंपनी 6 महीने बाद ही बंद हो गई. असल में वह कंपनी फरजी थी, जिस में काम करने का विनीत को पैसा भी नहीं मिला.
विनीत की बहन राधिका प्रजापति (19 साल) भी साधारण पढ़ीलिखी थी. वह टेलीकौलिंग का काम करती थी. इस काम में उसे भी बहुत कम पैसा मिलता था. महीने 2 महीने में नौकरी छूट जाती थी. दोनों भाईबहन आर्थिक तंगी को ले कर परेशान रहते थे. उन के घर की माली हालत भी काफी दयनीय थी.
https://youtube.com/shorts/9T1zmBXZoEU?si=bLiFKtxHRvYePYz1
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एक रोज विनीत दुखी मन से बहन से बोला, ''ऐसे कब तक चलेगा, कुछ समझ में नहीं आ रहा है?’’
''सभी जगह ठगबेइमान बैठे हैं...प्राइवेट कंपनी वाले काम करवा कर भी पैसा नहीं देते हैं.’’ राधिका बोली.
''क्या करूं? तुम ही कोई उपाय सोचो... गरीबी दूर कैसे हो?’’ विनीत उदासी के साथ बोला.
''हमारे पास थोड़ी सी पूंजी हो जाए, तब हम लोग अपना कोई काम कर सकते हैं.’’ राधिका बोली.






