Extra Marital Affair Crime. निशा ने लालसा पूरी करने के लिए गलत राह पकड़ी तो वह उसे मौत के द्वार तक घसीट ले गई. लालसा पूरी करने के चक्कर में निशा इस दुनिया में नहीं है तो उस की हत्या के आरोप में शहादत अली जेल में है. 

त्योहार आते ही महिलाओं की व्यस्तता बढ़ जाती है. 2 दिन बाद होली थी, इसलिए शोभा की भी व्यस्तता बढ़ गई थी. अचानक बगल वाले कमरे का दरवाजा खुला. उस कमरे को 2 दिन पहले ही किसी ने किराए पर लिया था. उस ने मकान मालिक से होली के बाद अपना सामान लाने को कहा था तो फिर दरवाजा किस ने खोला, यह जानने के लिए शोभा अपने कमरे से बाहर आई तो देखा जिस ने वह कमरा किराए पर लिया था, वही अपने साथ एक महिला को ले कर आया था. उन के पास केवल एक बैग था. शोभा ने सोचा कि महिला शायद उस की पत्नी है, उसे कमरा दिखाने लाया है. शोभा उन से कुछ पूछे बिना अपने कमरे में चली गई.

कमरे में जा कर वह अपना काम करने लगी. करीब 15 मिनट बाद नए किराएदार के कमरे से लड़ने की आवाजें आने लगीं. हालांकि उन का इस तरह शोर मचाना शोभा को अच्छा नहीं लग रहा था, फिर भी उन के झगड़े में दखलअंदाजी करना उस ने उचित नहीं समझा. वह उन के झगड़े को अनसुना कर के अपने काम में लगी रही कि पतिपत्नी में ऐसी छोटीमोटी नोकझोंक तो होती ही रहती है. आखिर उन के बीच होने वाला झगड़ा कुछ देर में बंद हो गया. इस के बाद शोभा को उन की आवाज नहीं सुनाई दी. शाम को वह कमरे से बाहर निकली तो नए किराएदार के दरवाजे पर ताला लगा देखा. किस समय वे कमरे को बंद कर के चले गए, उसे पता ही नहीं चला. यह 22 मार्च, 2016 की बात थी.

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