High-Profile Crime Story.पूर्व विधायक शादीराम का कहना है कि उन की बहू डा. रेखा ने आत्महत्या की है, जबकि रेखा के मायके वालों का कहना है कि ससुराल वालों ने दहेज के लिए साजिश रच कर उस की हत्या की है
दीपावली का त्यौहार होने की वजह से जहां हर कोई उत्साहित था और लगभग हर घर में दीपावली की तैयारियां चल रही थीं, वहीं चौधरी अशोक कुमार के घर मातम सा छाया था. इस की वजह यह थी कि उन की विवाहित बेटी डा. रेखा का बारबार फोन आ रहा था कि ‘मुझे मेरी सास, ननद, जेठानी और पति ने बहुत मारापीटा और परेशान किया है. मैं सारी रात सो नहीं पाई हूं. कल से मैं ने कुछ खायापिया भी नहीं है.’
बेटी की परेशानी से परेशान सारा परिवार उस की ससुराल जाने की तैयारी कर ही रहा था कि दोपहर 2 बजे रेखा के ससुर पूर्व विधायक शादीराम ने अशोक कुमार के बड़े भाई चौधरी सुखवीर सिंह के मोबाइल पर फोन कर के बताया, ‘‘रेखा ने पंखे से लटक कर आत्महत्या कर ली है.’’
यह सुन कर पूरे परिवार पर मानो गाज गिर गई. रेखा की इस तरह मौत की खबर सुन कर हर कोई हक्काबक्का ही नहीं रह गया था, बल्कि घर में कोहराम मच गया था. किसी की भी समझ में नहीं आ रहा था कि अचानक यह कैसे और क्यों हो गया?
घर वालों के रोनेबिलखने से पल भर में रेखा की मौत की खबर पूरे मोहल्ले में ही नहीं, बाजार तक फैल गई. चौधरी अशोक कुमार के घर के बाहर परिचितों और रिश्तेदारों की भीड़ लग गई. सभी अपनीअपनी गाडि़यों से हंसापुरी, त्रिनगर, नई दिल्ली स्थित रेखा की ससुराल जाने की तैयारी करने लगे. जब सभी लोग रेखा की ससुराल पहुंचे तो रेखा के ससुर शादीराम ने बताया, ‘‘घर में हुई थोड़ी कहासुनी से नाराज हो कर रेखा ने पंखे से लटक कर आत्महत्या कर ली है.’’






