Social Story. तथाकथित तांत्रिक मुकेश मिस्त्री ने हनीफा से कहा कि वह अपनी सिद्ध तांत्रिक शक्ति से उस के घर नोटों की बारिश करा सकता है, लेकिन तंत्रक्रिया के समय एक युवा महिला का निर्वस्त्र बैठना जरूरी है. लालच में अंधे हो चुके हनीफा ने एक नहीं बल्कि 2-2 महिलाओं का इंतजाम कर दिया. निर्वस्त्र महिला पर तांत्रिक ने जैसे ही अपनी तंत्रक्रिया आरंभ की, तभी वह हुआ जिस की किसी को उम्मीद तक नहीं थी.
शाम का समय था. सरखेज गांधीनगर हाइवे पर औफिस से छूटे कारपोरेट अफसरों की गाडिय़ां घोड़ों की रेस की तरह भाग रही थीं. अहमदाबाद की सब से व्यस्त सड़कों में से इस सड़क पर 38 साल का नवीन पांचाल सड़क किनारे एक चाय की दुकान पर चाय की चुस्की लेते हुए खड़ा अपनी ही बिरादरी के एक व्यक्ति का इंतजार कर रहा था. इस नन्ही सी प्याली की चाय खत्म कर उस ने दुकान वाले को पैसे देने के लिए जेब में हाथ डाला ही था कि तभी मुकेश आ गया.
मुकेश यानी मुकेश मिस्त्री. वह जमीन खरीदने और बेचने में दलाली का काम करता था. अभी उस की शादी नहीं हुई थी. वह एक नंबर का चालाक और शैतानी दिमाग वाला आदमी था. आते ही नवीन से हाथ मिलाते हुए उस ने कहा, ''अरे नवीन भाई, कैसे हो? आप तो केवल फोन पर ही मिलते हो. आमनेसामने मिले तो कितना लंबा टाइम हो गया.’’
भाई घरपरिवार की इतनी जिम्मेदारी है कि फुरसत ही नहीं मिलती. काम से फुरसत मिले, तब तो मिलूं.’’ नवीन ने कहा.
''भाई, मैं तो रंडुआ आदमी हूं. इसलिए घरपरिवार की कोई खास जिम्मेदारी नहीं है. खाली ही रहता था, इसलिए अभी इस बीच अपने गुरु से एक विद्या सीख आया हूं. उन के साथ तप किया तो गुरुजी ने मुझे एक विद्या सिखा दी है, जिस से पैसों की बारिश हो सकती है.’’






