Hindi Fiction Story. उस खूबसूरत औरत के पति को छुड़वाने की मैं ने जो कीमत वसूली थी, पहले तो मैं बहुत खुश था, लेकिन जब पत्नी ने कहा कि तुम्हारे इस काम से उसे बहुत खुशी हुई है तो मैं थोड़ा शमिदा हुआ, लेकिन जब पता चला कि वह गूंगी है तो इतना शमिदा हुआ कि...
मैं जब तक अफसर रहा, हमेशा ऐश के ही बारे में ही सोचता रहा. मेरा विश्वास, मेरा ईमान, मेरा धर्म और मेरी इंसानियत सब ऐशपरस्ती में डूबी रही.
लेकिन एक घटना ने मुझे ऐसा शर्मिंदा किया कि जब भी वह घटना याद आती है, मैं सिहर उठता हूं. हुआ यह था कि मैं उस दिन पत्नी के बारबार कहने पर उस के साथ बाजार तक चला गया था. मैं ने जैसे ही कार शौपिंग सेंटर के बाहर रोकी, मेरी कार के पास एक औरत आ कर खड़ी हो गई. मैं जैसे ही कार से उतरा, वह मेरी ओर लपकी. मेरे देखते ही देखते एकदम से झुक कर उस ने मेरे दोनों पैर पकड़ लिए.
‘‘अरे...अरे... कौन हो तुम, यह क्या कर रही हो. पीछे हटो.’’ मैं ने पीछे हटते हुए कहा. ‘‘क्या बात है बहन?’’ मेरी पत्नी ने पास जा कर उस औरत के कंधे पर हाथ रख कर पूछा.
औरत ने एक बार मेरी पत्नी की ओर देखा, उस के बाद दोनों हाथ जोड़ कर वह याचक दृष्टि से मेरी ओर देखने लगी. मुझे लगा, यह कोई मांगने वाली है. इस तरह के बाजारों में मांगने वाले घूमते भी रहते हैं. लेकिन यह औरत उन से एकदम अलग लग रही थी. उस ने साफसुथरी साड़ी बड़े सलीके से पहन रखी थी. उस ने आंखों तक घूंघट भी कर रखा था. देखने में भी ऐसी खूबसूरत थी कि किसी भी मर्द का दिल आ जाए.






