Hindi Story: वैज्ञानिक डा. सिद्धार्थ सेन और उन के इकलौते बेटे अनिरुद्ध की प्लेन क्रैश में हुई मौत की खबर सुन कर तथागत की आंखों के सामने जैसे अंधेरा छा गया था. इसी दौरान उसे डा. सेन की कोठी से उन का लिखा हुआ ऐसा सीक्रेट लेटर मिला, जिस में उन की एक नई खोज का फार्मूला था. उस फार्मूले के द्वारा एक ऐसे मैटल का निर्माण हुआ कि...

तथागत ने जैसे ही टीवी पर यह समाचार देखा कि 'फ्लाइट नंबर 5142ए क्रैश हो गई’ तो उस के होश उड़ गए थे. इसी फ्लाइट में तो डा. सिद्धार्थ सेन और अनिरुद्ध भी थे. तथागत की आंखों के सामने अंधेरा छाने लगा था. कांपते हाथों से उस ने एयरपोर्ट को फोन लगाया. उसे समाचार सुनने को मिला कि मरने वालों की लिस्ट में डा. सेन और अनिरुद्ध भी शामिल हैं. यह सुनते ही तथागत सोफे पर गिर पड़ा. उस के गुरु समान डा. सिद्धार्थ सेन और उस के एकमात्र मित्र अनिरुद्ध इस समय...

अनिरुद्ध और तथागत कालेज में एक साथ पढ़ते थे. तथागत एकदम गरीब परिवार से था. जबकि अनिरुद्ध भारत के जानेमाने वैज्ञानिक डा. सिद्धार्थ सेन का एकलौता बेटा था. आज तक वह स्कौलरशिप ले कर पढ़ता आया था, बाकी महंगे कालेज में पढऩा तो उस के लिए सपने जैसा था. तथागत को वैज्ञानिक बनना था, जबकि काफी स्मार्ट अनिरुद्ध ऐक्टर बनना चाहता था. अनिरुद्ध को तथागत कुछ अलग ही तरह का इंसान लगता था. आंखों में एक तरह की उदासी, पर कुछ कर दिखाने का जज्बा.

अनिरुद्ध ने जब अपने जन्मदिन पर तथागत को अपनी कोठी पर बुलाया था, तब डा. सेन उस की बातों और ज्ञान से चकित हो उठे थे. उस के बाद तथागत की गाड़ी ठीक से पटरी पर चढ़ गई थी. बीएससी की पढ़ाई पूरी कर तथागत डा. सेन से तालीम लेने लगा था तो अनिरुद्ध अपनी चमकदमक वाली दुनिया में व्यस्त हो गया था.

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