कहानी के बाकी भाग पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

आसिफ जिस बीयर बार में कभीकभी बीयर पीने और डांस देखने जाता था, एक दिन अचानक उसी के डांस फ्लोर पर उस की नजर एक शोख चंचल हसीना से टकरा गईं. यह हसीना थी पूजा. वह उस डांसबार की सब से छोटी और सैक्सी बार डांसर थी. कच्ची उम्र की पूजा अपनी सुंदरता और नृत्यकला के बल पर डांसबार में आने वाले सभी ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित कर लेती थी. लेकिन उस के पास वही लोग जा पाते थे जिन की जेब में मोटी रकम होती थी.

पूजा भी पैसे वालों को ही भाव देती थी. ऐसी स्थिति में आसिफ की दाल कहां गलने वाली थी. वह छोटामोटा चोर था, उस के पास इतना पैसा नहीं होता था कि नोट दिखा कर पूजा का स्पर्श कर सके. आसिफ ने जब से पूजा को देखा था, उस का दीवाना हो गया था, पूजा उस के दिलोदिमाग पर छा गई थी. वह सोतेजागते पूजा के ही सपने देखने लगा था. इस बीच उस ने कई बार पूजा के करीब जाने की कोशिश भी की थी. लेकिन पूजा उसे भाव नहीं देती थी.

जब आसिफ को लगा कि बिना पैसे के कुछ नहीं हो सकता तो उस ने पूजा के करीब जाने का रास्ता ढूंढ निकाला. उस ने उसी डांसबार में वेटर की नौकरी कर ली. वेटर की नौकरी के दौरान उसे पूजा के पास जाने और उस से बातचीत करने का मौका मिलने लगा. कुछ दिन बाद उसे धक्का तब लगा जब पूजा उस डांसबार को छोड़ कर चली गई.

दरअसल पूजा ने डांसबार में नौकरी अपनी मां के दबाव में की थी. जब उसे वहां का माहौल ठीक नहीं लगा तो उस ने डांसबार की नौकरी छोड़ दी और एक कैटरर के यहां नौकरी करने लगी. जब यह बात आसिफ को पता चली तो उस ने भी डांसबार की नौकरी छोड़ दी.

थोड़ी कोशिश के बाद उसे भी उसी कैटरर के यहां काम मिल गया. इस तरह वह फिर से पूजा के पास आ गया. धीरेधीरे उस ने पूजा से नजदीकियां बनानी शुरू कर दीं. फलस्वरूप दोनों के बीच दुखदर्द की बातें होने लगीं. इसी के चलते जल्दी ही दोनों के बीच अच्छीभली दोस्ती हो गई. इस से आसिफ खूब खुश था.

आसिफ सोचता था कि जिस तरह पूजा ने उस की दोस्ती स्वीकार की है, उसी तरह एक दिन वह उस के प्यार को भी स्वीकार कर लेगी. उसे अपना सपना सच होता नजर आ रहा था. अब वह पूजा के साथ हंसीमजाक भी करने लगा था और उस की छोटीबड़ी हर बात का ध्यान भी रखता था. कैटरिंग के काम में रात को कभी देर हो जाती थी तो वह पूजा को उस के घर भी छोड़ने जाता था.

पहले तो पूजा ने आसिफ की तरफ ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन जब उस ने अपने प्रति आसिफ का लगाव देखा, तो वह भी उस की तरफ झुकने लगी. फिर धीरेधीरे उस के दिल में भी प्यार के अंकुर फूटने लगे. वह आसिफ की बातों का जवाब उसी की तरह देने लगी.

अब जब भी आसिफ उसे छोड़ने उस के घर आता तो वह उसे घर के अंदर बुला लेती. उसे चायनाश्ता कराती और उस के साथ बैठ कर बातें करती. बातोंबातों में जब आसिफ को यह अहसास हुआ कि पूजा भी उसे चाहने लगी है, तो आसिफ ने उस के सामने शादी का प्रस्ताव रख दिया. बात जब शादी की आई तो पूजा ने अपने प्रेमी से कुछ भी छुपाना उचित नहीं समझा. उस ने आसिफ को अपने बारे में सब कुछ सचसच बता दिया.

पूजा के पिता का नाम हनुमंत यादव था और मां का मंदा यादव. आसिफ के पिता की तरह हनुमंत यादव भी एक आटो रिक्शा ड्राइवर था. वह अपनी पत्नी मंदा के साथ हर तरह से खुश था. लेकिन मंदा खुश नहीं थी. वह महत्त्वाकांक्षी महिला थी.   वह चाहती थी कि उस के पास खूब पैसा हो और वह खूब ऐश करे, घूमेफिरे, होटलों में जाए. लेकिन यह सब तभी संभव था जब घर की आर्थिक स्थिति अच्छी होती. आटो रिक्शा की कमाई से घर का खर्चा ही बड़ी मुश्किल से चलता था.

पूजा के जन्म के बाद खर्चा बढ़ने से जब घर की आर्थिक स्थिति और बिगड़ गई तो मंदा ने अपनी इच्छाओं को पूरी करने के लिए डांस बार में बतौर डांसर काम करने का फैसला किया. जहां पर हनुमंत यादव और मंदा रहते थे वहां आसपास कई बार डांसर रहती थीं. मंदा ने उन्हीं की मदद से बीयर बारों और आर्केस्ट्रा में नाचने का काम शुरू कर दिया.

एक तो मंदा खूबसूरत और गुदाज बदन वाली महिला थी, दूसरे उस ने अपनी पढ़ाई के दौरान डांस सीखा था, सो लोग उसे और उस के डांस को पसंद करने लगे. धीरेधीरे वह लोगों की पसंदीदा डांसर बन गई. मंदा जब डांस फ्लोर पर डांस करती थी तो अपनी अदाओं से मनचलों का मन मोह लेती थी. फलस्वरूप उस के ऊपर पैसों की बरसात होने लगी.

इस काम से मंदा भी खुश थी और उस के ग्राहक भी. लेकिन मंदा का पति हनुमंत यादव खुश नहीं था. वह मंदा को इस काम के लिए मना करता था. उस के मना करने के बावजूद मंदा नहीं मानती थी. मंदा के पास जब अच्छाभला पैसा आने लगा तो उस की पैसे की भूख बढ़ती गई. ज्यादा पैसा कमाने के चक्कर में मंदा ने नाचने के साथसाथ मनचलों के साथ बाहर जाना भी शुरू कर दिया. नतीजतन उस की देह महंगी ही सही, लेकिन दुकान बन कर रह गई.

जब यह बात हनुमंत यादव को पता चली तो उस ने मंदा पर पाबंदी लगानी शुरू कर दी. इस से मंदा और हनुमंत के बीच तकरार होने लगी. कुछ ही दिनों में यह तकरार इतनी बढ़ी कि दोनों में तलाक हो गया. तलाक के बाद मंदा ने हनुमंत यादव का घर छोड़ दिया. पूजा को वह अपने साथ ले आई थी. पति से अलग होने के बाद मंदा ने दूसरी शादी कर ली. दूसरे पति से मंदा एक बेटी और एक बेटे की मां बनी.

इस के बाद भी मंदा का स्वभाव और सोच वैसी की वैसी ही रही. वह अपनी मौजमस्ती में डूबी रहती थी. ऐसी हालत में रह कर पूजा ने किसी तरह अपनी पढ़ाई पूरी की. मंदा की उम्र ढलने लगी थी. अब उसे पहले जैसी आय भी नहीं होती थी. इसलिए उस की निगाहें जवान होती बेटी पर जमी थीं.

पूजा को हालांकि यह सब पसंद नहीं था, लेकिन मंदा ने उस के 16 साल की होते ही उसे डांसबार में भेज दिया. पूजा ने कई सालों तक डांस बारों में काम किया. पैसे के लिए वह मर्दों को लुभाती थी, लेकिन हर तरह के लालच देने के बावजूद वह किसी के साथ कहीं नहीं जाती थी.

पूजा ने अपनी जिंदगी की हकीकत आसिफ को बता दी. सुन कर आसिफ को अच्छा लगा. वह उस की बातों से इतना प्रभावित हुआ कि उस ने भी अपनी हकीकत उसे बता दी. साथ ही वादा भी किया कि अब वह अपनी पुरानी जिंदगी में कभी नहीं लौटेगा. हां दोनों ओर से थी, सो दोनों ने साथसाथ रहने का फैसला कर लिया.

पूजा ने अपनी मां का घर छोड़ दिया और आसिफ ने अपना. दोनों ने मुंबई स्थित साकी नाका की एक बस्ती में किराए का मकान ले लिया और लिव इन रिलेशनशिप में साथसाथ रहने लगे. पूजा और आसिफ के बीच एक ही रुकावट थी धर्म. लेकिन प्यार मजहब नहीं देखता. इस के लिए पूजा ने कह दिया कि उस के प्यार के लिए वह धर्म परिवर्तन भी कर लेगी. इस पर आसिफ ने कुछ धार्मिक औपचारिकताएं पूरी कर के उस का नाम अशरीफा रख दिया और उस से निकाह कर लिया. निकाह के बाद भी दोनों पूर्ववत प्यार से साथसाथ रहते रहे.

और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...