Uttar Pradesh Crime: तंत्रमंत्र की क्रियाओं या अंधविश्वास से किसी का भला नहीं होता, फिर भी अंधविश्वासी लोग ऐसे चक्करों में पड़ जाते हैं. अगर वक्त रहते जफर ने तंत्रमंत्र की राह छोड़ कर अपनी घरगृहस्थी पर ध्यान दिया होता तो वह न होता जो हुआ...

जफर हुसैन उर्फ चांद बाबू के सिर पर धर्म का उन्माद सवार रहता था. वह तरहतरह की तंत्र क्रियाएं करता रहता है, यह पूरा गांव जानता था. इसी वजह से कोई उसे तांत्रिक कहता था तो कोई पागल तो कोई कुछ और. गांव के लोगों से उस के ताल्लुकात अच्छे नहीं थे. इस की वजह यह थी कि वह छोटीछोटी बातों पर गुस्सा हो जाता था. वादविवाद की स्थिति में लोगों को तांत्रिक क्रियाओं की धमकी देना उस की आदत में शुमार था. लिबास भी वह ढोंगियों और पाखंडियों जैसा पहनता था. उस की इन अजीबओगरीब हरकतों से गांव वाले भी अंधविश्वास का शिकार हो गए कि उसे नाराज करने से उन का कोई अनिष्ट हो सकता है. यही वजह थी कि लोग उस से मेलजोल बढ़ाने से कतराते थे.

जफर उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद के भोजीपुरा थाना के गांव मैमोर में रहता था. उस के परिवार में पत्नी नईम बानो के अलावा 4 बच्चे, 7 साल का फरहान, 5 साल की फरहीन, 4 साल का फयाज और 1 साल का फमान. जफर का वास्ता चूंकि लोगों से कम था, इसलिए दूसरे लोग भी उस पर कम ही ध्यान देते थे. लेकिन एक दोपहर जफर के घर से आने वाली चीखनेचिल्लाने की आवाजों ने लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया.

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