हल्द्वानी के कस्बा काठगोदाम की रहने वाली प्रियंका पिछले कई महीनों से महसूस कर रही थी कि उस के पति कृष्णा सेन के व्यवहार में बड़ा परिवर्तन आ गया है. जहां पहले वह उसे अपनी आंखों पर बिठाए रखता था. उस के हर नाजनखरे सहता था. वहीं अब उसे उस की हर बात कांटे की तरह चुभती है. इतना ही नहीं, वह हर समय उस के साथ झगड़े पर उतारू रहता है. प्रियंका यदि किसी बात पर उस से बहस करती तो वह उस की पिटाई कर देता था.
यानी अब वह ज्यादा चिढ़चिढ़ा सा हो गया था. शराब पी कर वह उस से अकसर रोजाना ही झगड़ता था. पति की प्रताड़ना से तंग आ कर वह अपने मायके चली जाती थी.
शादीशुदा बेटी को ज्यादा दिनों तक घर पर बैठाना कुछ लोग सही नहीं समझते. प्रियंका के मातापिता भी उन्हीं में से एक थे. बेटी के हावभाव से वे समझ जाते थे कि वह ससुराल से गुस्से में आई है. तब वह अपनी बेटी के साथसाथ दामाद को फोन पर समझाते थे. मांबाप के समझाने के बाद प्रियंका अपने भाई के साथ ससुराल लौट जाती थी.
एक बार की बात है, एक महीना मायके में रहने के बाद प्रियंका जब अकेली ही हल्द्वानी की तिकोनिया कालोनी में रह रहे पति के पास पहुंची तो वहां कमरे पर एक लड़की मिली. उस के पहनावे और साजशृंगार से लग रहा था, जैसे उस की शादी हाल में ही हुई है. कमरे में पति कृष्णा और उस लड़की के अलावा और कोई नहीं था. प्रियंका ने पति से उस लड़की के बारे में पूछा तो कृष्णा ने बताया कि यह उस की पत्नी सरिता है. उस ने इस से हाल ही में शादी की है.
इतना सुनते ही प्रियंका के पैरों तले से जैसे जमीन खिसक गई. गुस्से से उस का चेहरा लाल हो गया. कोई भी शादीशुदा औरत हर चीज सहन कर सकती है पर यह बात वह हरगिज सहन नहीं कर सकती कि उस का पति उस के होते हुए शौतन ले आए. वह गुस्से में बोली, ‘‘मुझ में और मेरे प्यार में क्या कमी थी जो तुम इसे ले आए. मैं कहे देती हूं कि मेरे जीतेजी इस घर में कोई और नहीं रह सकती. तुम तो बड़े ही छिपे रूस्तम निकले. लगता है मेरे मायके जाने का तुम इंतजार कर रहे थे, जो मेरे जाते ही इसे ले आए.’’ कहते हुए प्रियंका की आंखों में आंसू भर आए.
पत्नी की बातों पर कृष्णा को गुस्सा तो बहुत आ रहा था, लेकिन गलती कृष्णा की थी, इसलिए वह पत्नी की बातें सुनता रहा. नईनवेली दुलहन के सामने उसे बेइज्जती का सामना करना पड़ रहा था. प्रियंका का गुस्सा शांत हो गया तो कृष्णा ने उसे मनाने की कोशिश करते हुए समझाया, ‘‘प्रियंका, मेरी मजबूरी ऐसी हो गई थी जिस की वजह से मुझे यह शादी करनी पड़ी. इस से तुम हरगिज परेशान मत हो. मैं तुम्हारा पूरा ध्यान रखूंगा. तुम्हारे प्रति मेरा प्यार वैसा ही बना रहेगा. तुम दोनों ही इस घर में रहना.’’
प्रियंका को पति की बात पर गुस्सा तो बहुत आ रहा था, लेकिन अब बोल कर कोई फायदा नहीं था. पहले ही वह उसे काफी सुना चुकी थी. इसलिए वह चुप्पी साधे रही. उस से कुछ कहने के बजाय वह कमरे में चली गई और रो कर उस ने अपना मन हलका किया.
कृष्णा ने फिर की 5 लाख की डिमांड
अब प्रियंका के मन में पति के प्रति पहले जैसा सम्मान नहीं रहा. खुद भी वह बेमन से वहां रही. कृष्णा उस के बजाए दूसरी पत्नी को ज्यादा महत्त्व देने लगा. वहां प्रियंका की स्थिति दोयम दरजे की हो कर रह गई थी. एक दिन कृष्णा ने प्रियंका से कहा कि बिजनेस के लिए उसे 5 लाख रुपए की जरूरत है. वह अपने मायके से 5 लाख रुपए ला दे.
‘‘मैं अब और पैसे नहीं लाऊंगी. सीएफएल बल्ब की फैक्ट्री लगाने के लिए तुम मेरे घर वालों से 8 लाख रुपए पहले ही ले चुके हो. तुम ने वो पैसे तो लौटाए नहीं हैं.’’ प्रियंका बोली.
‘‘क्या मैं कहीं भागा जा रहा हूं, जो तुम इस तरह की बात कर रही हो. पिछली बात को तुम भूल जाओ. अब यह बात ध्यान से सुन लो कि तुम्हें हर हालत में 5 लाख रुपए लाने ही होंगे वरना इस घर में नहीं रह सकोगी. यहां तुम्हारी कोई जगह नहीं रहेगी.’’ कृष्णा सेन ने दो टूक कह दिया.
प्रियंका पति के सामने गिड़गिड़ाई कि अब उस के मायके वालों की ऐसी स्थिति नहीं है कि वह इतनी बड़ी रकम की व्यवस्था कर सकें, पर पति का दिल नहीं पसीजा. उस ने प्रियंका को दुत्कारते हुए कहा कि वह यहां से चली जाए. पति के दुत्कारने के बाद प्रियंका के सामने मायके जाने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं था. लिहाजा उस ने अपने भाई को फोन कर दिया और उस के साथ मायके चली गई.
प्रियंका ने मायके में पति कृष्णा द्वारा दूसरी शादी करने की बात बताई तो सभी आश्चर्यचकित होते हुए बोले, ‘‘पहली पत्नी के होते हुए उस ने दूसरी शादी कैसे कर ली.’’ इस के बाद प्रियंका ने अपने मांबाप को एकएक बात बता दी. कृष्णा के द्वारा प्रियंका पर ढाए गए जुल्मोसितम की बात सुन कर सभी को गुस्सा आ गया. मायके वालों ने तय कर लिया कि वे फरेबी कृष्णा सेन के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज करा कर उस के किए की सजा दिलाएंगे.
एक दिन प्रियंका अपने मांबाप के साथ थाना काठगोदाम पहुंची. वहां मौजूद थानाप्रभारी को उस ने अपनी प्रताड़ना की सारी कहानी बता दी. उस ने यह भी कह दिया कि शादी में अच्छाखासा दहेज देने के बाद भी पति कृष्णा सेन दहेज के लिए उसे प्रताडि़त करता था. एक बार उस ने पति के कहने पर अपने मांबाप से 8 लाख रुपए ला कर दिए थे वह पैसे तो उस ने लौटाए नहीं, अब 5 लाख रुपए और मांगने की जिद पर अड़ गया. पैसे न देने पर उस ने उसे घर से निकाल दिया.
थानाप्रभारी ने प्रियंका की पीड़ा सुनने के बाद भरोसा दिया कि वह उस के पति के खिलाफ सख्त काररवाई करेंगे. एक सप्ताह गुजर जाने के बाद भी थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो प्रियंका फिर थाने पहुंची. थानाप्रभारी ने उसे फिर टरका दिया. थाने वाले 4 महीने तक उसे ऐसे ही टरकाते रहे. 4 महीने तक थाने के चक्कर लगातेलगाते वह थक चुकी थी पर थाने वाले कृष्णा सेन के खिलाफ रिपोर्ट नहीं लिख रहे थे.
9 अक्तूबर, 2017 को प्रियंका अपने भाई के साथ हल्द्वानी के एसएसपी जयप्रभाकर खंडूरी से मिली और काठगोदाम थानापुलिस द्वारा उस के पति के खिलाफ अभी तक कोई काररवाई न करने की शिकायत की.
एसएसपी ने प्रियंका की शिकायत को गंभीरता से लिया. उन्होंने उसी समय काठगोदाम एसएसआई संजय जोशी को फोन कर के आदेश दिया कि प्रियंका की तरफ से रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी के खिलाफ तत्काल काररवाई करें.
थाने पहुंच कर प्रियंका एसएसआई से मिली तो उन्होंने बड़े गौर से उस की समस्या सुनी और उस की तहरीर पर उस के पति कृष्णा सेन के खिलाफ भादंवि की धारा 417, 419, 420, 467, 468, 471, 323, 504 व 506 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली.
चूंकि इस मामले में आदेश कप्तान साहब का था, इसलिए एसएसआई संजय जोशी एसआई मंजू ज्वाला और पुलिस टीम के साथ हल्द्वानी स्थित तिकोनिया कालोनी गए. आरोपी कृष्णा सेन तिकोनिया कालोनी में ही रहता था.
पुलिस जब उस के कमरे पर पहुंची तो वह वहां नहीं मिला. पता चला कि वह अपना किराए का मकान खाली कर के कहीं चला गया है.