5 जुलाई, 2017 को इलाहाबाद और कानपुर के बीच स्थित जिला कौशांबी के थाना कोखराज के गांव पन्नोई के पास सड़क किनारे एक युवती की लाश पड़ी होने की खबर फैलते ही वहां अच्छीखासी भीड़ लग गई. लाश औंधे मुंह पड़ी थी. उस के आसपास खून भी फैला था, जो सूख कर काला पड़ चुका था. किसी ने इस बात की सूचना पुलिस कंट्रोलरूम को दी तो थोड़ी ही देर में पुलिस कंट्रोलरूम की सूचना पर थाना कोखराज पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई.
पुलिस ने लाश सीधी कराई तो पता चला कि युवती के माथे के बीचोबीच सटा कर गोली मारी गई थी. वहां बड़ा सा छेद स्पष्ट दिखाई दे रहा था. मृतका ने नीले रंग की जींस और गुलाबीसफेद रंग की डौटेड कुर्ती पहन रखी थी. शक्लसूरत और पहनावे से वह बड़े घर की लग रही थी.
थानाप्रभारी की सूचना पर एसपी अशोक कुमार पांडेय भी घटनास्थल पर आ गए थे. उन्होंने भी थानाप्रभारी बृजेश द्विवेदी के साथ घटनास्थल और लाश का निरीक्षण किया. लाश के पास से कोई खोखा नहीं मिला था. वहां जितना खून फैला होना चाहिए था, वह भी नहीं था. इस से अंदाजा लगाया गया कि हत्या कहीं और कर के लाश यहां ला कर फेंकी गई थी.
पुलिस ने वहां जमा लोगों से लाश की शिनाख्त कराने की कोशिश की, लेकिन शिनाख्त हो नहीं सकी. इस के बाद पुलिस ने घटनास्थल की काररवाई कर के लाश को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया. इस के बाद थाने आ कर पन्नोई गांव के चौकीदार की ओर से अज्ञात हत्यारों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया.

लाश की शिनाख्त के चक्कर में ही उस का पोस्टमार्टम 9 जुलाई को किया गया. 2 डाक्टरों अनुभव शुक्ला और रेखा सिंह के पैनल ने लाश का पोस्टमार्टम किया. इस की वीडियोग्राफी भी कराई गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, मृतका के साथ दुष्कर्म हुआ था. वह प्रेग्नेंट भी थी. डाक्टरों ने दुष्कर्म और प्रेग्नेंसी टेस्ट के लिए स्वाब और स्मीयर प्रिजर्व कर लिए थे.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार,युवती की मौत करीब 115 से 120 घंटे पहले हुई थी. इस का मतलब लाश मिलने से करीब 40 घंटे पहले ही उस की हत्या हो चुकी थी यानी उस की हत्या 4/5 जुलाई की रात 12 से 1 बजे के बीच हुई थी. युवती के माथे से जिस तरह सटा कर गोली मारी गई थी, उस से साफ लगता था कि गोली मारने वाला उस का कोई करीबी था.
लाश की शिनाख्त नहीं हो सकी तो पोस्टमार्टम के बाद 10 जुलाई को पुलिस ने उस का अंतिम संस्कार करा दिया. कौशांबी पुलिस के लिए यह मामला एक चुनौती बन गया था, क्योंकि 7 दिनों बाद भी मृतका की पहचान नहीं हो सकी थी.
एसपी अशोक कुमार पांडेय ने लाश की शिनाख्त और मामले के खुलासे के लिए थाना पुलिस को तो लगाया ही, क्राइम ब्रांच की भी एक टीम को लगा दिया. घटना के 8 दिनों बाद यानी 12 जुलाई को लाश के फोटो वाट्सऐप, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए तो किसी व्यक्ति ने फोन कर के क्राइम ब्रांच को बताया कि कौशांबी में मिली लाश हिना तलरेजा की है. फेसबुक पर इस का एकाउंट है.
पुलिस के लिए यह सूचना काफी महत्त्वपूर्ण थी. पुलिस ने हिना तलरेजा का एकाउंट खंगाला तो उस का पता और मोबाइल नंबर मिल गया. पुलिस ने उस नंबर पर फोन किया तो वह बंद था. उस की लोकेशन पता की गई तो उस की अंतिम लोकेशन इलाहाबाद के मीरापुर से सटे मोहल्ला दरियाबाद की मिली. उसी के आधार पर पुलिस ने अनुमान लगाया कि मृतका इलाहाबाद की रहने वाली हो सकती है.
इस के बाद क्राइम ब्रांच की टीम मृतका के घर वालों की तलाश में इलाहाबाद पहुंची. आखिर 4 दिनों की कड़ी मेहनत के बाद 18 जुलाई को पुलिस उस की मां नीलिमा तलरेजा तक पहुंच गई. 18 जुलाई को थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम इलाहाबाद के मीरापुर पहुंची तो पता चला कि हिना वहां किराए पर रहती थी.
हिना की लाश का फोटो दिखाने पर मकान मालिक ने बताया कि यह फोटो हिना तलरेजा की है, महीने भर पहले यह अपनी मां के साथ उन के यहां किराए पर रहती थी, लेकिन उन्होंने उन से अपना मकान खाली करा लिया था. उस के पिता की मौत हो चुकी थी. उन के मकान से जाने के बाद मांबेटी कहां रह रही हैं, यह वह नहीं बता सके. उन्होंने यह जरूर बताया था कि हिना सिविल लाइंस स्थित किसी हुक्का बार में काम करती थी.
पुलिस खोजतेखोजते सिविल लाइंस स्थित उस हुक्का बार तक पहुंच गई, जहां हिना काम करती थी. हुक्का बार की मालकिन दामिनी चावला (बदला हुआ नाम) ने भी फोटो देख कर उस की शिनाख्त हिना तलरेजा के रूप में कर दी. उन के बताए अनुसार, खुद को पर्सनैलिटी मेकर बताने वाली हिना का इलाहाबाद के कई बारों में आनाजाना था. उसे शराब की लत लग चुकी थी. शराब का निमंत्रण मिलने पर वह किसी भी समय, किसी के भी साथ, कहीं भी चली जाती थी. कुछ दिनों पहले वह शराब पी कर एक बार में बेहोश हो गई थी, तब 2 लड़कों ने उसे अपनी कार से उस के घर पहुंचाया था.
दामिनी चावला के माध्यम से पुलिस हिना की मां तक पहुंची. वह मीरापुर में ही दूसरी जगह पर किराए पर रह रही थीं. पुलिस ने उन्हें फोटो दिखाई तो बेटी की लाश की फोटो देखते ही वह रो पड़ीं. पुलिस ने उन्हें शांत कराया तो उन्होंने बताया कि 4 जुलाई, 2017 की शाम 7 बजे वह दिल्ली जाने की बात कह कर घर से निकली थी. उसी दिन रात को उस ने 10:44 और 10:45 बजे अपनी 2 फोटो फेसबुक पर शेयर किए थे. उस के बाद से उस के एकाउंट पर कोई अपडेट नहीं था. उस ने मां से भी संपर्क नहीं किया था. वह तो यही समझ रही थीं कि हिना दिल्ली में है.
जांच आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने हिना के मोबाइल नंबर की काल डिटेल्स निकलवाई तो उस के नंबर पर अंतिम बार जिन 2 लोगों से बात हुई थी, उन के नाम अदनान खान और खालिद थे. दोनों थाना शाहगंज के रहने वाले थे. पुलिस उन के घर पहुंची तो दोनों ही अपनेअपने घरों से गायब मिले. इस से पुलिस को उन पर शक हुआ.






