Mumbai Crime: सबीना से संबंध बनाते समय नसीम ने कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन वह उस के गले की फांस बन जाएगी. जिस डर से उस ने उस फांस को निकालना चाहा, आखिर में वही हुआ.

शब्बीर खान के परिवार में पत्नी जन्नतुनिशां के अलावा 26 साल की विवाहिता बेटी सबीना कौसर और 2 साल की नातिन जिया थी. पति से तलाक होने के बाद सबीना बेटी के साथ मांबाप के साथ ही रह रही थी. शब्बीर खान अपने इस छोटे से परिवार के साथ मुंबई के उपनगर कुर्ला वेस्ट, संजय नगर, चांदतारा पुलिस चौकी के पास स्थित चाल नंबर डी-6 के रूम नंबर 6 में रहते थे. उन का अपना खुद का छोटा सा व्यवसाय था.

14 जनवरी, 2016 की शाम के यही कोई 6 बजे जब जन्नतुनिशां घर के कामों में व्यस्त थीं, तभी सबीना मजार पर जाने की बात कह कर घर से निकली तो लौट कर नहीं आई. वह लगभग रोजाना शाम को मजार पर जाती थी, इसलिए उस दिन भी जब उस ने मजार पर जाने की बात कही तो जन्नतुनिशां ने इजाजत दे दी थी. रोजाना सबीना मजार से जल्दी ही लौट आती थी, लेकिन उस दिन जब उसे लौटने में देर होने लगी तो जन्नतुनिशां को थोड़ा चिंता हुई. सबीना की बेटी जिया भी बारबार मम्मी को पूछ रही थी. थोड़ी देर तक तो जन्नतुनिशां को लगा कि सबीना किसी परिचित के यहां चली गई होगी, लेकिन जब समय ज्यादा होने लगा तो उन्हें चिंता होने लगी.

शब्बीर खान के आने पर सबीना की खोज शुरू हुई. पहले आसपड़ोस वालों से, उस के बाद जानपहचान तथा नातेरिश्तेदारों से पता किया गया. जब सबीना के बारे मे कहीं से कोई जानकारी नहीं मिली तो पतिपत्नी घबरा गए. सबीना की बेटी ऊपर से परेशान किए थी. शब्बीर खान और जन्नतुनिशां को जब कोई राह नहीं सूझी तो सवेरा होते ही उन्होंने थाने का रुख किया. थाना घाटकोपर में उन्होंने सबीना की गुमशुदगी दर्ज करा दी. गुमशुदगी दर्ज होते ही पुलिस ने काररवाई शुरू कर दी. लेकिन कोई सूत्र हाथ न लगने से पुलिस भी उस के बारे में कुछ पता नहीं कर सकी. बेटी के बारे में पता न चलने से शब्बीर खान और जन्नतुनिशां की चिंता और परेशानी बढ़ती जा रही थी.

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