Love Crime Story: शाहिद से प्यार करने वाली तरन्नुम की शादी भले ही अलाउद्दीन से हो गई थी, लेकिन उस ने उसे मन से शौहर नहीं माना था. तभी तो जब प्रेमी ने उस से पूछा कि वह वैलेंटाइन डे पर क्या तोहफा लेगी तो उस ने शौहर का सिर मांग लिया...
17 जनवरी, 2016 को रविवार था. हनीफ खां के लिए यह दिन बहुत ही महत्त्वपूर्ण था. क्योंकि उस दिन उन की जिंदगी की ख्वाहिश पूरी होने जा रही थी. उन का एक ही सपना था कि उन के जीवित रहते उन के बेटे अलाउद्दीन की शादी हो जाए. अलाउद्दीन से बड़े उन के तीनों बेटों शफरुद्दीन, जाकिर व भूरे खां की शादियां हो चुकी थीं और वे बालबच्चेदार भी थे. जिला अलीगढ़, थाना कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला भुजपुरा के नए बसे इब्राहिमनगर में हनीफ खां का पूरा परिवार संयुक्त रूप से एक ही मकान में रहता था.
अलाउद्दीन 20 साल का हो चुका था. हनीफ खां ने उस का रिश्ता अलीगढ़ के ही थाना सिविललाइंस के मोहल्ला हमदर्दनगर, जमालपुर निवासी अलाउद्दीन उर्फ पप्पू की बेटी तरन्नुम से तय कर दिया था. शादी की तारीख भी निश्चित हो गई थी 17 जनवरी 2016. अंतत: हनीफ खां का सपना पूरा हो गया था. 17 जनवरी, 2016 को उन का बेटा तरन्नुम से निकाह कर के उसे घर ले आया था. अलाउद्दीन खूबसूरत पत्नी पा कर खुश था.
तरन्नुम 3 दिनों तक ससुराल में रही. चौथे दिन उसे मायके वाले विदा करा कर ले गए. 10 दिनों बाद अलाउद्दीन ससुराल जा कर अपनी पत्नी को ले आया. लेलिन इस के चौथे दिन ही तरन्नुम की जिद पर अलाउद्दीन को उसे उस के मायके छोड़ कर आना पड़ा. अलाउद्दीन कोई बच्चा तो था नहीं, पति के पास रहने के बजाय तरन्नुम के इस तरह मांबाप के घर जाने की जिद ने उस के मन में शक का बीज बो दिया था. जब शक की सुई घूमी तो उस की आंखों के सामने पहली रात से ले कर अब तक का सारा घटनाक्रम घूम गया.






