Murder for Property. 33 वर्षीय हिमांक मित्तल रोहतक में एक बड़े प्राइवेट हायर सेकेंडरी स्कूल का मालिक था. इस के अलावा उस के पेरेंट्स उस के लिए सैकड़ों करोड़ की संपत्ति छोड़ कर गए थे. जिस भाईबहन के रिश्ते को हमारे समाज में आज भी त्याग और निस्वार्थ प्रेम का प्रतीक माना जाता है तो आखिर उस भाई ने 8.5 लाख रुपए की सुपारी दे कर अपनी सगी बड़ी बहन मनीषा मित्तल की हत्या क्यों करा दी?
हिमांक और गोविंद का बचपन से ही बड़ा याराना रहा था, भले ही उन की उम्र में 3 साल का अंतर रहा हो, किंतु एक जैसी आदतें और एक जैसे विचारों के कारण उन दोनों में काफी निकटता आ गई थी. पढ़ाई भी उन्होंने एक ही कालेज से की थी.
पढ़ाई पूरी करने के बाद हिमांक ने अपना रोहतक का एम.एस. सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल पूरी तरह से संभाल लिया था तो दूसरी ओर गोविंद भी बिजनैस करने लगा था. लेकिन उन दोनों की दोस्ती पर फिर भी कोई फर्क नहीं आया था. वे हर सप्ताह या हर दूसरेतीसरे दिन जरूर मिलते थे और आपस में अपने दुखसुख बांटने के साथसाथ शराब की पार्टियां भी करते रहते थे.
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तभी कोरोना महामारी का प्रकोप आ गया था. कोरोना काल के दौरान मार्च 2020 में हिमांक के पेरेंट्स की मृत्यु हो गई थी.
इस दौरान भी गोविंद हिमांक के साथ अपना कंधे से कंधा मिला कर खड़ा रहा था, जिस के कारण हिमांक के दिल में अपने जिगरी दोस्त गोविंद के प्रति और भी गहरी हो गई थी.
हिमांक का काफी बड़ा कारोबार था. उस के फादर उस के लिए करोड़ों रुपए की संपत्तियां छोड़ कर गए थे, जिसे संभालना उस के अकेले के वश में नहीं हो पा रहा था. इसलिए सब से पहले हिमांक ने गोविंद को अपने रोहतक स्थित सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मैनेजमेंट में शामिल किया और उस के बाद गोविंद को अपना बिजनैस पार्टनर भी बना लिया, जिस के कारण उन दोनों के बीच और भी अधिक निकटता आ गई थी. दोनों का एकदूसरे के घर में आनाजाना नियमित रूप से हो गया था.






