Kanpur Crime Story. यासमीन को पाने के लिए नसीम ने शादी का वादा तो कर लिया, लेकिन जब वह उस पर शादी के लिए दबाव बनाने  लगी तो नसीम उस से छुटकारा पाने की राह खोजने लगा...

जून महीने की 12 तारीख की शाम को अचानक एकदम से आसमान काला हुआ और बारिश के साथ ऐसी आंधी आई कि सड़कों और छतों पर लगे बैनरपोस्टर ही नहीं, न जाने कितने पेड़, बिजली के खंभे और दीवारें तक गिर गईं. किसी तरह का हादसा न हो, इस से बचने के लिए बिजली विभाग ने आंधी आने से पहले ही बिजली काट दी थी.

जिस समय तेज आंधी के साथ बरसात हो रही थी, उसी समय यासमीन के मोबाइल फोन की घंटी बजी. फोन पर क्या बात हुई, यह तो उस की छोटी बहन शाहीन नहीं सुन सकी, लेकिन फोन कटने के बाद यासमीन ने यह जरूर बता दिया कि फोन नसीम का था. आंधीपानी बंद हुआ तो उस ने शाहीन से कहा, ‘‘मेरा सिर दर्द कर रहा है. मैं बाजार दवा लेने जा रही हूं. अगर बारिश तेज होने लगी तो फिर दवा लेने नहीं जा पाऊंगी.’’

https://youtube.com/shorts/ZZzQMhW-xgM?si=OlFELGqbutb-gp6j

इतना कह कर यासमीन ने नकाब ओढ़ा और घर से बाहर निकल गई. जिस समय वह घर से निकली थी, उस समय 5 सवा 5, बज रहे थे. दवा लाने में ज्यादा से ज्यादा आधा घंटा लगता. लेकिन यासमीन गई तो फिर लौट कर नहीं आई. रात 9 बजे यासमीन का बाप नूर अहमद और भाई नौशाद घर आया तो यासमीन की बहनों ने जब उस के वापस न आने की बात बताई तो बापबेटे परेशान हो उठे. उन्होंने उसे फोन किया तो फोन बंद होने की वजह से बात नहीं हो सकी.

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