True Crime Story. शक की फांस इतनी खतरनाक होती है कि यदि इस का समाधान नहीं किया तो यह हंसतीखेलती गृहस्थी को तहसनहस कर डालती है. शालिनी और दिलीप कुमार ने अपने प्यार को अरेंज मैरिज में तब्दील किया था, दोनों ही टीचर थे, इस के बावजूद दोनों के दिमाग में एकदूसरे के प्रति शक की विषबेल तेजी से फैल चुकी थी. इस का नतीजा इतना खतरनाक निकला कि...
दिलीप कुमार कई दिन से परेशान था. उस की परेशानी का कारण भी उस की पत्नी शालिनी ही थी. दिलीप एक सरकारी स्कूल में टीचर था, जबकि उस की पत्नी एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती थी. दोनों की शादी को पूरे 9 वर्ष बीत चुके थे. इस बीच शालिनी एक बच्चे की मां भी बन गई थी. शादी के बाद दोनों खुश थे.
दोनों ही टीचर थे, लेकिन शालिनी को एक टीचर होते हुए जितनी मेहनत करनी पड़ती थी, वही जानती थी. वह हमेशा ही दिलीप के उठने से कई घंटे पहले उठती और फिर उस के उठने से पहले ही उसे घर का सारा कामकाज निपटाना होता था. उस के बाद भी दिलीप उस की परेशानी को समझने को तैयार नहीं था.
दिलीप सोचता कि वह एक प्राइवेट विद्यालय में ही तो पढ़ाती है. फिर उस के पास ऐसी कौन सी जिम्मेदारी है कि हर वक्त अपने स्कूल के काम में ही लगी रहती है. शालिनी अपने फोन को हमेशा ही साइलेंट मोड में रखती थी. कई बार दिलीप उसे फोन करता तो फोन बिजी आता था.
दिलीप वैसे भी शुगर पेशेंट था, जिस के कारण उस का ब्लडप्रेशर तुरंत ही बढ़ जाता था. हालांकि पतिपत्नी दोनों के टीचर होते हुए घर की आर्थिक स्थिति मजबूत थी. दिलीप को बैंक बैलेंस बढ़ाने का भूत सवार था.






