UP Crime: पत्नी सलीमा के चरित्र को ले कर आलमगीर के मन में ऐसा शक बैठ गया कि वह उस से उबर नहीं पा रहा था. इसी बीच एक युवती से आलमगीर की ऐसी नजदीकी बढ़ी कि उस से निकाह की खातिर वह एक खौफनाक गुनाह कर बैठा.

उत्तर प्रदेश के जिला बागपत के थाना रमाला के किरठल गांव में सूरज की किरणें फूटने के साथ ही कोहराम मच गया था. इस की वजह थी एक लोमहर्षक वारदात, जो इतनी बड़ी थी कि पूरे गांव में मातम छा गया था. दरअसल, इसी गांव में रहने वाले आलमगीर के परिवार में पत्नी सलीमा के अलावा 4 बच्चे थे. आलमगीर अपने परिवार के साथ अलग रहता था, जबकि उस के पिता दिलशेर तथा भाई और बहन वाजिदा एकसाथ अलग घर में रहते थे. उस के 2 भाई वासिद और आलम दिल्ली में रह कर खराद का काम करते थे. एक भाई वाजिद गांव में ही रह कर दूध का काम करता था.

भाईबहनों में आलमगीर सब से बड़ा था. उस की बड़ी बेटी साहिबा अपने चाचा वासिद के पास दिल्ली गई हुई थी. उस की माली हालत कोई खास नहीं थी. किसी तरह मेहनत कर के वह परिवार को पाल रहा था. आलम ही नहीं, उस के पिता और भाइयों की स्थिति भी उसी जैसी थी. आलम के बच्चे गांव के मदरसे में पढ़ने जाते थे. 9 अप्रैल, 2015 की सुबह जब वे मदरसे में पढ़ने नहीं पहुंचे तो मौलवी ने आलमगीर की बेटी करीना की सहपाठीसहेली 10 वर्षीया सना को उन्हें बुलाने के लिए भेजा. सना भागती हुई मोहल्ला मूलेजाट स्थित आलमगीर के घर पहुंची तो दरवाजा खुला हुआ था. वह आवाज लगाते हुए जितनी तेजी से अंदर दाखिल हुई, उतनी ही तेजी से चिल्लाते हुए बाहर आ गई.

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