Gangster: कटनी का रहने वाला किशोर तिवारी उर्फ किस्सू इतना खतरनाक गैंगस्टर बन गया कि वह अपने दुश्मनों को ऐसी मौत देता था कि लोग उस के सामने आने से भी कतराते थे. 80 के दशक में उस ने प्रदेश में दहशत फैला रखी थी. सिर्फ आम लोग ही नहीं, बल्कि बड़ेबड़े बदमाश भी उस से खौफ खाते थे. कई गंभीर आपराधिक मामलों में पुलिस भी उस के खिलाफ सीधे काररवाई करने से हिचकने लगी थी. पढि़ए, एक साधारण कंपाउंडर के खूंखार अपराधी बनने की पूरी कहानी...
20 मई, 2024 को जबलपुर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ की अध्यक्षता वाली एकल पीठ कटनी से संबंधित एक आपराधिक अवमानना की सुनवाई कर रही थी. उस दिन जबलपुर जिले के तत्कालीन एसपी आदित्य प्रताप सिंह भी कोर्ट में मौजूद थे. चीफ जस्टिस ने तल्ख टिप्पणी करते हुए एसपी को निर्देश देते हुए कहा, ''आखिर पुलिस हाथ पर हाथ धरे क्यों बैठी हुई है? एक मोस्टवांटेड गैंगस्टर किशोर तिवारी उर्फ किस्सू पुलिस को चकमा दे कर घूम रहा है.’’
''सर, पुलिस टीम मुस्तैदी के साथ अपना काम कर रही है, गैंगस्टर लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है.’’ एसपी आदित्य प्रताप सिंह ने भरोसा दिलाते हुए कहा.
''केवल मुस्तैदी से कुछ नहीं होगा, कोर्ट को मुलजिम चाहिए. कोर्ट पुलिस को 48 घंटे का वक्त देती है. 22 तारीख को पुलिस किस्सू तिवारी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करे.’’
इतना कहते ही एकल पीठ ने कोर्ट की काररवाई अगले दिन के लिए मुल्तवी कर दी.
कटनी के अपर सत्र न्यायालय और जबलपुर में राजू सोनी हत्याकांड के मामले में आरोपी किशोर तिवारी उर्फ किस्सू के खिलाफ कोर्ट स्थाई वारंट जारी करती रही, लेकिन पुलिस उसे तलाश नहीं पाई थी. जबलपुर जिला न्यायालय ने भी मार्च, 2022 में उस के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया था. जब दोनों ही प्रकरण में उस की गिरफ्तारी नहीं हुई तो पीडि़त परिवार ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई. जबलपुर हाईकोर्ट ने एसपी (जबलपुर) आदित्य प्रताप सिंह के खिलाफ आपराधिक अवमानना की सुनवाई करते हुए किस्सू को 48 घंटे में गिरफ्तार करने का आदेश दिया.






