Love Crime: रेखा देवी का 14 साल की उम्र में सुरेंद्र दादरवाल के साथ बाल विवाह हो जरूर हो गया था, लेकिन गौना बाद में होना तय हुआ. इस दौरान रेखा पढ़ाई करती रही. बालिग होतेहोते वह बीएससी कर चुकी थी. गौना होने से पहले रेखा को पति इतना दुश्मन नजर आने लगा कि उस ने उस की हत्या करा दी. आखिर रेखा ने ऐसा क्यों किया?
रेखा ने नागपुर (महाराष्ट्र) में बैठ कर पति सुरेंद्र उर्फ सुरेश दादरवाल की हत्या का ब्लूप्रिंट तैयार किया. उस ने अपने प्रेमी राजूराम जाट और उस के साथी जीवण राम को हत्या की योजना में शामिल किया. योजना अत्यंत सरल, लेकिन घातक थी. रेखा ने प्रेमी राजू के साथ योजना बनाई कि सुरेंद्र को सुनसान जगह पर रोक कर, हेलमेट उतारते ही चाकू से ताबड़तोड़ वार करना और पुलिस को भ्रमित करने के लिए मोबाइल पास में नहीं रखना था.
बाइक पर असली नंबर प्लेट बिलकुल नहीं रखना. इस के लिए चोरी की बाइक की नंबर प्लेट लगा कर घटना को अंजाम देने का रेखा ने निर्देश दिया था. रेखा पिछले 3 महीने से वाईफाई कौल कर प्रेमी राजू से पति सुरेंद्र दादरवाल की हत्या की योजना बनाने में लगी हुई थी. रेखा के प्यार में पागल राजूराम अपनी गर्लफ्रेंड को पाने के लिए खून से हाथ तक रंगने को तैयार हो गया था. मूलरूप से राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के मकराना क्षेत्र की रहने वाली रेखा देवी पिछले काफी समय से अपने पापा आशाराम जाट के साथ नागपुर में रह रही थी.
रेखा की शादी साल 2018 में सुरेंद्र उर्फ सुरेश दादरवाल निवासी गांव ईटावा लाखा, जिला डीडवाना-कुचामन, राजस्थान के साथ हुई थी. रेखा की सुरेंद्र के साथ जब शादी हुई थी, उस समय वह 14 साल की थी. यानी रेखा का सुरेंद्र के साथ बाल विवाह हुआ था, लेकिन रेखा का गौना नहीं हुआ था, इस कारण वह ससुराल नहीं जाती थी. वह मायके में ही रह कर पढ़ाई कर रही थी. राजस्थान में आज भी कई जातियों में बाल विवाह चोरीछिपे आम बात है. बाल विवाह के बाद लड़की (दुलहन) जब बालिग हो जाती है, तब उस का गौना कर ससुराल ले जाया जाता है. गौने के बाद ही दंपति में संबंध बनते हैं. गौने से पहले शादीशुदा हो कर भी रेखा कुंवारी थी.






