Social Media Crime: सोशल मीडिया की साइट फेसबुक द्वारा हुई दोस्ती में सच्चाई कम झूठ ज्यादा होता है. फिर भी यह लोगों को इतना आकर्षित करती है कि वे अपनी दोस्ती को रिश्ते में बदलने को तैयार हो जाते हैं. ऐसे में जब सच्चाई सामने आती है तो निश्चित है अपराध होगा ही.

बंगलुरु के काडुगोडी पौश एरिया स्थित महावीर किंग्ज अपार्टमेंट के गेट पर जिस समय सुखवीर पहुंचा, दोपहर के सवा 12 बज रहे थे. सिक्योरिटी वालों ने जब उस से पूछा कि वह किस से मिलने आया है तो उस ने कहा, ‘‘मैं अपार्टमैंट में चौथी मंजिल पर रहने वाली कुसुम सिंगला से मिलने आया हूं. मैं उन का नजदीकी रिश्तेदार हूं और हरियाणा से आया हूं.’’

सिक्योरिटी गार्डों ने यह सूचना इंटरकौम द्वारा चौथी मंजिल पर स्थित फ्लैट में रहने वाली कुसुम सिंगला को दी तो उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें बिठाओ, मैं खुद उन्हें लेने नीचे आ रही हूं.’’

कुछ देर बाद आकर्षक व्यक्तित्व वाली कुसुम अपौर्टमैंट के गेट पर बने सिक्योरिटी कक्ष में पहुंची तो उस के हावभाव से ही लगा कि उस से मिलने आने वाले इस आदमी से वह पहली बार मिल रही हैं, क्योंकि उस ने उसे पहचानने की कोशिश करते हुए पूछा था, ‘‘मिस्टर सुखवीर सिंह?’’

आगंतुक, जिसे कुसुम ने सुखवीर कहा था, उठ कर अपना हाथ उस की ओर बढ़ाते हुए कहा था, ‘‘जी आप मिस कुसुम सिंगला?’’

कुसुम सिंगला ने उस का हाथ अपने हाथ में ले कर जिस तरह गर्मजोशी से दबाया था, उसे देख कर सिक्योरिटी वालों को लगा था कि आगंतुक मैडम का कोई खास ही है. इस के बाद उन्होंने सुखवीर से उस के बारे में पूछ कर सिक्योरिटी कक्ष में रखे विजिटर रजिस्टर में लिखा और अपने चौथी मंजिल स्थित फ्लैट में जाने के लिए उस के साथ लिफ्ट की ओर बढ़ गई. दरअसल, पंजाब की रहने वाली कुसुम सिंगला को फेसबुक द्वारा दोस्त बनाने का शौक था. इस की वजह यह थी कि वह अकेली थीं. इन्हीं दोस्तों से चैटिंग कर के वह अपना खाली समय बिताती थीं. यही वजह थी कि जिस किसी ने भी उन्हें फ्रैंड रिक्वैस्ट भेजी, उन्होंने बेझिझक स्वीकार कर ली.

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