Bihar Crime News: बिहार के पूर्णिया जिला के मरंगा थाने में जिंदाबाद और मुरदाबाद के नारे लग रहे थे. थाना कैंपस में काफी गहमागहमी थी. कारण यह था था कि पुलिस जदयू की विधायक बीमा भारती के पति अवधेश मंडल को एक गवाह को धमकाने के आरोप में थाने लाई थी. इसी बात को ले कर अवधेश के समर्थक अपने आका की गिरफ्तारी से नाराज हो कर मरनेमारने पर उतारू थे. वे पुलिस पर इसलिए दबाव बना रहे थे, ताकि अवधेश को बेकसूर मान कर छोड़ दिया जाए. पुलिस वाले उन लोगों को समझाने की कोशिश कर रहे थे. इसी बीच भीड़ और हंगामे का फायदा उठा कर अवधेश थाने से गायब हो गया और पुलिस हाथ मलती रह गई.

दरअसल, सन 2005 में भवानीपुर थाना क्षेत्र के नवगछिया टोला में चंचल पासवान की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में चंचल की बीवी सोनिया की अदालत में गवाही चल रही थी. पिछली 17 जनवरी को सोनिया को धमकाने के आरोप में केहट थाना में एफआईआर दर्ज की गई थी. इसी केस के सिलसिले में अवधेश को गिरफ्तार कर के मरंगा थाना लाया गया था, जहां से वह फरार हो गया था. अवधेश का लंबा आपराधिक रिकौर्ड रहा है, वह कोसी के आतंक के तौर पर कुख्यात था.

अवधेश मंडल रुपौली की जदयू विधायक बीमा भारती का पति और पूर्णिया जिले के भवानीपुर प्रखंड का प्रमुख था. उसे मरंगा थाने से भगाने के मामले में 60 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया गया. बाद में इस सिलसिले में पुलिस ने जदयू वर्कर टुनटुन आलम को गिरफ्तार किया. अवधेश पर मृतक चंचल की पत्नी सोनिया को तो धमकाने का आरोप था ही, साथ ही उस पर जिला परिषद अध्यक्ष सुनीता देवी, उन के 2 प्राइवेट गार्डों माइकल सिंह और मुकेश सिंह, सोनिया देवी, उन के बेटे सुनील पासवान, रिंकू पासवान और नंदन पासवान पर हमला करने का भी आरोप है.

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