Gujarat Singer Controversy. गुजरात की लोक गायिका किंजल रबारी घर वालों की मरजी के खिलाफ अपने बौयफ्रेंड अशोक चौधरी से शादी कर अलग रहने लगी. बाद में उस के फेमिली वाले किंजल को अपने पास ले आए और उस से तलाक का केस दाखिल करा दिया. एक किंजल ही नहीं, गुजरात की कई सिंगर्स ने अपनी मनमरजी से शादी की तो उन की फेमिली वालों ने न सिर्फ उन का विरोध किया बल्कि…

6 सितंबर, 2026 की शाम अहमदाबाद के चांदखेड़ा इलाके में स्थित सीबीडी मौल में रोज की तरह उस समय काफी भीड़भाड़ थी. इस की वजह यह थी कि उस समय लोग फिल्म देख कर बाहर निकल रहे थे. कुछ लोग मौल में शापिंग के लिए रुक जा रहे थे तो कुछ लोग अपने वाहनों की ओर जा रहे थे. उसी बीच पुलिस के पास सूचना पहुंची कि गुजरात की चर्चित लोकगायिका किंजल रबारी का अपहरण कर लिया गया है.

शिकायत करने वाला कोई और नहीं, उस का कथित पति नरसिंह उर्फ मुकेश देसाई था. उस के अनुसार, वह और किंजल साथ में फिल्म देखने मौल आए थे. शो खत्म होने के बाद वह किंजल के साथ बाहर निकला तो कुछ लोग कारों में वहां आए और किंजल को जबरदस्ती कार में बैठा कर अपने साथ ले गए.

एक चर्चित गायिका के अपहरण की शिकायत मिलने के बाद पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई. पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और वहां आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाने लगी. सीसीटीवी की फुटेज में किंजल एक कार की ओर जाती और फिर एक कार में बैठती दिखाई दी. इस के बाद कार उसे ले कर वहां से चली गई.

सीसीटीवी के इस दृश्य ने शिकायत में बताए गए घटनाक्रम को उलझा दिया. हालांकि फुटेज केवल घटनास्थल पर हुई गतिविधि को ही दिखा रही थी, इसलिए उस से यह निष्कर्ष निकालना संभव नहीं था कि किंजल अपनी इच्छा से कार में बैठी थी या किसी दबाव में.

उसी बीच सोशल मीडिया पर किंजल का एक वीडियो सामने आया, जिस में वह अपहरण से इनकार करते हुए कह रही थी कि वह अपनी मरजी से अपने पहले पति अशोक चौधरी के पास गई है.

शिकायत, सीसीटीवी फुटेज और किंजल के वीडियो ने मामले को नया मोड़ दे दिया था. दरअसल, इस विवाद की पृष्ठभूमि करीब ढाई साल पहले प्रेम विवाह और उस के बाद हुए घटनाक्रम में छिपी थी.

राधनपुर तहसील के सीनाड गांव में किंजल रबारी का मायका है. उस ने एक साधारण परिवार से निकल कर संगीत की दुनिया में अपनी पहचान बनाई थी. किंजल ने गांव के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक से 8 तक पढ़ाई की थी. उस के बड़े भाई किरण रबारी स्कूल में भजन गाते थे. भाई को गाते देख कर किंजल की भी संगीत में रुचि बढ़ी.

उस ने भी स्कूल में भजन गाने की इच्छा जताई. शिक्षकों ने उस की प्रतिभा को पहचाना और उसे प्रार्थना सभा तथा गीतसंगीत प्रतियोगिताओं में अवसर दिया. स्कूल के तत्कालीन प्रधानाचार्य तेजाभाई जादव ने बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए स्कूल में साउंड सिस्टम लगवाया था. माइक पर गाने के अवसर ने किंजल का मंच के प्रति संकोच दूर कर दिया था.

छोटी उम्र में शुरू हुआ संगीत का यह सफर आगे चल कर लोकगीतों, विवाह गीतों और देवी जागरण के गीतों तक पहुंचा. उस की आवाज लोकप्रिय हुई और उसे ‘कोयल कंठी’ गायिका के रूप में पहचान मिली. संगीत ने उसे प्रसिद्धि दी, लेकिन निजी जीवन में परिस्थितियां धीरेधीरे जटिल होती चली गईं.

पढ़ाई के सिलसिले में किंजल का राधनपुर आनाजाना होता था. उसी दौरान उस की मुलाकात अशोक चौधरी से हुई. परिचय बढ़ा और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गया. दोनों ने विवाह करने का फैसला किया.

किंजल के अनुसार, उस के परिवार को यह रिश्ता मंजूर नहीं था. बाद में पुलिस को दिए लिखित पत्र में उस ने दावा किया था कि उस ने परिवार को मनाने की बहुत कोशिश की, लेकिन परिवार उस की पसंद के रिश्ते को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं था.

2 मई, 2024 को किंजल और अशोक चौधरी ने हिंदू रीतिरिवाज से विवाह कर लिया. विवाह के बाद दोनों साथ रहने लगे थे. किंजल के कहे अनुसार, परिवार से विवाह स्वीकार करने का अनुरोध करने के बावजूद विरोध पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ. इसी बीच उस का संगीत करिअर आगे बढ़ता रहा, जबकि निजी जीवन में तनाव बना रहा.

किंजल के अनुसार, वह अपने पापा का घर छोड़ कर अशोक के साथ चली गई थी और अशोक चौधरी के साथ उस की पत्नी की तरह रहने लगी थी. किंजल का दावा था कि बाद में मायके पक्ष के लोग उसे अशोक से अलग कर के अपने घर ले गए. उस ने फेमिली वालों पर आरोप लगाया कि उसे घर में रखा गया, उसे बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई और उस का मोबाइल फोन भी ले लिया गया.

किंजल ने सब से गंभीर आरोप तलाक की प्रक्रिया को ले कर लगाए. उस के अनुसार, उस पर अशोक से तलाक लेने के लिए दबाव बनाया गया. उस से राधनपुर की अदालत में तलाक की अरजी दाखिल करवाए जाने के बाद हाईकोर्ट की काररवाई में उस की इच्छा के विपरीत बयान दिलवाए जाने का दावा किया.

उस ने पुलिस को दिए लिखित पत्र में स्पष्ट किया है कि वह अशोक से तलाक नहीं लेना चाहती थी.

इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उस समय नहीं हुई थी. इसलिए इन्हें किंजल के दावे के रूप में ही देखा जा रहा था.

उसी बीच नरसिंह उर्फ मुकेश देसाई की एंट्री हुई. प्राप्त जानकारी के अनुसार, किंजल और मुकेश मैत्री करार के तहत साथ रहने लगे थे. मुकेश उसे अपनी पत्नी बताता था. बाद में किंजल ने इस संबंध को ले कर भी गंभीर आरोप लगाए.

उस का कहना था कि उसे परिवार की ओर से जबरदस्ती मुकेश के साथ भेजा गया था. उस ने मुकेश पर अपने साथ जबरदस्ती करने का भी आरोप लगाया.

यही संबंध आगे चल कर 6 सितंबर की घटना में महत्त्वपूर्ण बन गया. 6 सितंबर, 2026 को किंजल और मुकेश अहमदाबाद के चांदखेड़ा स्थित सीबीडी मौल पहुंचे. दोनों फिल्म देखने गए थे. फिल्म खत्म होने के बाद वे बाहर निकले.

मुकेश के अनुसार, उसी दौरान कुछ लोग कारों में वहां आए और जबरदस्ती किंजल को अपने साथ ले गए. इस के बाद उस ने पुलिस को सूचना दे कर अपहरण की शिकायत की.

पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच शुरू की. फुटेज में एक व्यक्ति मुकेश को पकड़े हुए दिखाई दे रहा था. उसी बीच किंजल एक कार की ओर जाती नजर आईं और उस में बैठ गईं. उस के बाद कार वहां से चली गई.

सीसीटीवी में दिखाई देने वाले इस दृश्य से पुलिस के सामने शिकायत की परिस्थितियों को समझने की चुनौती पैदा हो गई. हालांकि फुटेज यह तय नहीं कर सकती थी कि किंजल किस मानसिक या परिस्थितिजन्य स्थिति में कार में बैठी.

सीसीटीवी की जांच के दौरान ही सोशल मीडिया पर किंजल का एक वीडियो सामने आया. वीडियो में वह कह रही थी कि उस का अपहरण नहीं हुआ है. वह अपनी मरजी से अशोक चौधरी के पास गई है. वह अपने पुराने विवाह और परिवार के साथ हुए कथित विवाद का उल्लेख करते हुए कह रही थी कि परिवार उस के और अशोक के विवाह से खुश नहीं था. उस ने आरोप लगाया कि उसे अशोक से जबरन अलग किया गया और उस के ऊपर तलाक के लिए दबाव बनाया गया.

किंजल ने यह भी दावा किया कि बाद में उसे मुकेश देसाई के साथ रहने के लिए मजबूर किया गया था. उस के कहे अनुसार इस स्थिति से परेशान हो कर उस ने अशोक से संपर्क किया और 6 सितंबर को अपनी मरजी से उस के पास चली गई. वह साफसाफ कह रही थी कि उस का अपहरण नहीं हुआ था.

हालांकि पुलिस के लिए सोशल मीडिया पर आया वीडियो अपने आप में अंतिम प्रमाण नहीं था. वीडियो कब और कहां बनाया गया तथा किन परिस्थितियों में बनाया गया, इस की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती थी.

थाना चांदखेड़ा के इंसपेक्टर जयेश मकवाना के अनुसार, पुलिस को मुकेश की ओर से अपहरण की शिकायत मिली थी. किंजल का वीडियो और उस का पत्र भी पुलिस तक पहुंचा था, लेकिन उस ने पुलिस के सामने व्यक्तिगत रूप से बयान दर्ज नहीं कराया था.

इसलिए पुलिस उस की लोकेशन तलाश रही थी. मामले में उस का प्रत्यक्ष बयान महत्त्वपूर्ण था, क्योंकि एक ओर मुकेश अपहरण का आरोप लगा रहा था, जबकि दूसरी ओर किंजल वीडियो में अपनी इच्छा से अशोक के पास जाने की बात कह रही थी.

मुकेश ने किंजल के कथित अपहरण में अशोक चौधरी की भूमिका होने की आशंका जताई थी. उस का दावा था कि किंजल को अशोक के पास ले जाया गया है. इस के विपरीत किंजल का कहना था कि वह स्वयं अशोक के पास गई थी.

इस विरोधाभास के बीच पुलिस को यह जानना जरूरी था कि वीडियो किन परिस्थितियों में बनाया गया था और किंजल ने उस में स्वतंत्र रूप से अपनी बात कही थी या किसी के दबाव में यह सब कहा था.

किंजल की ओर से अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर और चांदखेड़ा पुलिस इंसपेक्टर को दिए गए पत्र में उस ने अपनी उम्र 25 साल बताई है और बीएससी एमएलटी की पढ़ाई पूरी करने का भी उल्लेख किया है. पत्र में उस ने अशोक से परिचय, प्रेम और विवाह से ले कर बाद की घटनाओं का विवरण दिया है.

पत्र में उस ने बताया है कि 2 मई, 2024 को उस ने अशोक चौधरी से विवाह किया था. परिवार की कथित असहमति के बावजूद दोनों साथ रहे. 10 मार्च, 2026 को अशोक के साथ जाने और उस के बाद परिवार द्वारा उसे वापस ले जाने का भी उस ने उल्लेख किया है.

उस का आरोप है कि उसे जबरदस्ती घर में रखा गया, बाहर जाने से रोका गया और मोबाइल फोन भी ले लिया गया. उस ने तलाक की प्रक्रिया में भी दबाव डाले जाने का दावा किया है और कहा है कि वह अशोक से तलाक नहीं चाहती थी.

मुकेश के साथ रहने के संबंध में भी उस ने फेमिली वालों पर गंभीर आरोप लगाए. उस के अनुसार, मौका मिलने पर उस ने अशोक से संपर्क किया और 6 सितंबर को अपनी मरजी से उन के पास चली गई. उस ने पुलिस से अनुरोध किया कि उस के परिवार या मुकेश की ओर से उस के या अशोक के खिलाफ की गई झूठी शिकायत पर कोई काररवाई न की जाए. इन आरोपों की सच्चाई की जांच करना अब पुलिस का काम है.

अहमदाबाद के मौल से शुरू हुआ विवाद अब किंजल के मायके सीनाड गांव तक पहुंच गया था.

7 सितंबर को गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया था. रिपोर्टों के अनुसार, गांव के करीब 60 लोगों की भीड़ ने जांच करने आई पुलिस पर हमला कर दिया. पता चला है कि यह हमला चौधरी समुदाय से जुड़े एक एसआई पर किया गया था.

इस घटना के बाद गांव में पुलिस व्यवस्था बढ़ा दी गई. अब पुलिस के सामने किंजल से जुड़े विवाद की जांच के साथ कानूनव्यवस्था बनाए रखने की भी चुनौती थी. निजी रिश्ते का विवाद धीरेधीरे 2 समाजों के बीच तनाव की आशंका में बदल गया था. पुलिस पर हमले के मामले में काररवाई करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया.

गिरफ्तारी के बाद गांव में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई थी, ताकि स्थिति दोबारा न बिगड़े. मामला सामाजिक तनाव का रूप न ले, इस के लिए रबारी समाज के नेता नागजी देसाई ने लोगों से संयम बरतने की अपील की थी. उन्होंने युवाओं से भावनाओं में बह कर आंदोलन या टकराव का रास्ता न अपनाने को कहा था.

इसी क्रम में मेहसाणा हाईवे पर स्थित वडवाला छात्रावास में रबारी समाज की बंद कमरे में चिंतन बैठक आयोजित होने की बात भी सामने आई है. बैठक में स्थिति को बिगडऩे से रोकने और दोनों समाजों के बीच टकराव टालने पर जोर दिया गया था.

किंजल के प्रेम विवाह को ले कर पहली बार विवाद नहीं हुआ. करीब 6 महीने पहले भी उस ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने विवाह को ले कर अपनी बात रखी थी. उस ने परिवार की मरजी के खिलाफ अशोक चौधरी से विवाह करने की बात कही थी और अपने तथा पति की सुरक्षा को ले कर चिंता जताते हुए पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी. उस ने विवाह को ले कर अपने खिलाफ अफवाहें फैलाए जाने की बात भी कही थी.

दूसरी ओर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई थी, जिस में किंजल पर समाज का नाम खराब करने का आरोप लगाया गया था. उस पोस्ट में दावा किया गया था कि वह 10 मार्च, 2026 को दूसरे समाज के युवक के साथ चली गई है और राजस्थान के आबू की ओर गई है. लोगों से उन्हें तलाशने में मदद करने की अपील भी की गई थी. इस से पता चलता है कि उस के निजी जीवन से जुड़ा विवाद पहले ही सोशल मीडिया पर सार्वजनिक बहस का हिस्सा बन चुका था.

इस तरह प्रेम विवाह, परिवार की कथित नाराजगी, तलाक को ले कर आरोप, मुकेश के साथ मैत्री करार, अपहरण की शिकायत, सीसीटीवी फुटेज और अशोक के पास अपनी मरजी से जाने का उन का दावा, इन सभी घटनाओं ने किंजल की निजी जिंदगी को सार्वजनिक विवाद में बदल दिया था.

कथा लिखे जाने तक पुलिस के सामने कई महत्त्वपूर्ण कडिय़ां थीं— मुकेश की शिकायत, सीसीटीवी फुटेज, किंजल का सोशल मीडिया वीडियो और उन का पुलिस को दिया गया पत्र. लेकिन सब से महत्त्वपूर्ण कड़ी उन का प्रत्यक्ष बयान था. पुलिस को यह पता लगाना था कि 6 सितंबर को मौल के बाहर वास्तव में क्या हुआ, किंजल किस परिस्थिति में कार में बैठी और उस के बाद कहां गई?

इस के साथ परिवार पर लगाए गए आरोपों और मुकेश के साथ उस के संबंधों से जुड़े दावों की जांच भी जरूरी थी.

इस के अलावा किंजल ने परिवार और मुकेश के खिलाफ जो आरोप लगाए थे, उन की स्वतंत्र पुष्टि तथा मुकेश की अपहरण शिकायत की सच्चाई भी जांच का हिस्सा थी.

इस तरह मामला केवल यह पता लगाने तक सीमित नहीं था कि किंजल किस के साथ गई, बल्कि यह भी महत्त्वपूर्ण था कि उस ने किन परिस्थितियों में वह निर्णय लिया.

लोक गायिकाओं के प्रेम विवाह और सामाजिक विवाद

गुजरात में लोक गायिकाओं के प्रेम विवाह, सगाई और मैत्री करार से जुड़े विवाद समयसमय पर चर्चा में रहे हैं. इन मामलों में परिवार और समाज के विरोध के साथसाथ संबंधित युवतियों ने भी अपने फैसले के पक्ष में खुल कर अपनी बात रखी.

आरती सांगाणी का मैत्री करार

सूरत में रहने वाली पाटीदार युवती और लोकगायिका आरती सांगाणी ने अपने साथ स्टेज प्रोग्राम करने वाले तबला वादक देवांग गोहेल के साथ मैत्री करार कर के साथ रहना शुरू किया था. इस के बाद आरती के परिजनों और पाटीदार समाज के अग्रणियों की ओर से विरोध के स्वर उठे थे.

समाज के कुछ अग्रणियों के विरोध के बाद आरती सांगाणी ने वीडियो के माध्यम से जवाब दिया था. उस ने अलगअलग 3 वीडियो पोस्ट किए थे. आरती ने कहा था कि उसे कुछ भी नहीं कहना है, लेकिन उसे लगता है कि लोग अंगुली उठा कर उस से बोलने के लिए मजबूर करेंगे.

उस ने कहा था कि हाल ही में उस के पापा का एक वीडियो वायरल किया गया, जिस में वह रो रहे थे और कह रहे थे कि उन की बेटी ने उन के साथ विश्वासघात किया है. आरती ने सवाल किया था कि जिस दिन वह घर से निकली थी, क्या उस दिन उस ने घर वालों को यह नहीं बताया था कि वह जा रही हैं? उस ने घर पर मैसेज भी छोड़ा था कि उस ने अपने जीवन के लिए यह निर्णय लिया है.

आरती ने कहा था कि आज वह खुश है तो यह पूरी दुनिया से देखा नहीं जा रहा. उन्हें ऐसा लग रहा है, जैसे सोशल मीडिया पर एक काम मिल गया हो और हर जगह सिर्फ आरती सांगाणी के बारे में ही बात होनी चाहिए.

उन्होंने समाज के लोगों से कहा था कि उन के घर में भी बेटियां हैं और आगे भी बेटियां आएंगी. जब किसी के घर से बेटी जाएगी और उस की वेदना महसूस होगी, तब उन्हें इस बात का पता चलेगा.

रिद्धि राजपरा की लव मैरिज पर विवाद

आरती सांगाणी का विवाद अभी मुश्किल से शांत हुआ था कि सूरत के पाटीदार समाज में एक और लोक गायिका रिद्धि राजपरा के लव मैरिज करने पर विवाद खड़ा हो गया था. सूरत की उभरती लोकगायिका रिद्धि राजपरा ने म्यूजिक रिदम आर्टिस्ट जयेश वाघेला के साथ शादी कर ली थी.

इस घटना के बाद पाटीदार समाज में भारी रोष देखने को मिला था. समाज के अग्रणियों ने सख्त रुख अपनाते हुए रिद्धि राजपरा के लिए स्टेज पर नो एंट्री की बात कही थी और उन के बहिष्कार की अपील की गई थी.

विवाद के बीच सूरत के पाटीदार लोकगायक भी सामने आए थे. उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा था कि पाटीदार समाज में बेटियों को सिंगर नहीं बनाना चाहिए. उन का कहना था कि यहां बेटियों को सिर्फ बलि का बकरा ही बनना पड़ता है.

किंजल दवे की सगाई पर ब्रह्म समाज का विरोध

गुजरात की लोकप्रिय सिंगर किंजल दवे ने अपनी जाति से बाहर के ऐक्टर और बिजनैसमैन ध्रुविन शाह के साथ सगाई की थी. इस के बाद 5 परगना ब्रह्म समाज में विरोध के स्वर उठे थे. समाज की ओर से किंजल दवे के परिवार का बहिष्कार किए जाने की बात सामने आई थी.

लेकिन किंजल दवे समाज के इस फैसले के सामने चुप नहीं बैठी. उस ने सवाल उठाते हुए कहा था कि बेटियों के पंख काटने की बातें होती हैं. उस ने यह भी कहा था कि वह खुद साटा प्रथा यानी अदलाबदली विवाह की प्रथा से पीडि़त है.

किंजल ने आगे कहा था कि आज बेटियां तेजस जैसे विमान उड़ा रही हैं, युद्ध कर रही हैं, रण मैदान में हैं और संसद में हैं. हाल ही में हुए औपरेशन सिंदूर में भी 2 बेटियों ने नेतृत्त्व कर के देश को गौरवान्वित किया है. ऐसे में क्या 2-4 असामाजिक तत्त्व यह तय करेंगे कि किसी बेटी का जीवनसाथी कौन होगा? क्या एक बेटी को अपना जीवनसाथी चुनने का अधिकार नहीं है?

काजल मेहरिया का प्रेम विवाह और परिवार से विवाद

कुछ समय पहले जानीमानी लोक गायिका काजल मेहरिया द्वारा अल्पेश ठाकोर नाम के युवक से प्रेम विवाह किए जाने के बाद उस के परिवार की नाराजगी सामने आई थी. परिवार की ओर से गंभीर आरोप भी लगाए गए थे. काजल के फेमिली वाले उस की ससुराल पहुंच गए थे, जिस के बाद मामला थाने तक पहुंच गया था.

इस के बाद काजल मेहरिया ने वीडियो जारी कर के अपनी बात रखी थी. उस ने वीडियो की शुरुआत ‘जय हिंद, जय भीम, जय विहत मां’ से की थी.

काजल ने कहा था कि वह लोक गायिका है और काफी समय से जिस मुद्दे की चर्चा हो रही है, वह उस की पारिवारिक और घर की बात थी. इसलिए उस की इच्छा थी कि यह बात घर तक ही सीमित रहे और उस ने कभी इस बारे में सार्वजनिक रूप से अपनी बात नहीं रखी.

लेकिन उस के अनुसार अब हद पार हो गई थी. उस ने वीडियो के माध्यम से बताया था कि 10 अक्तूबर, 2025 को उस ने अपनी मरजी से, पूरी तरह स्वस्थ अवस्था में, भारतीय संविधान के नियमों और भारत की स्वतंत्र नागरिकता के नियमों के मुताबिक वयस्क उम्र में अल्पेश के साथ शादी की थी.

काजल ने स्पष्ट किया था कि उस ने न किसी डर या धमकी में और न ही किसी दबाव में आ कर शादी की थी. उस के अनुसार अल्पेश और उस का रिश्ता पिछले डेढ़ साल से था. इस की जानकारी उस ने अपनी फेमिली को भी दी थी, लेकिन उन की सहमति नहीं होने के कारण उस ने अपने दम पर अपने भविष्य, अपनी जिंदगी और अपने महत्त्वपूर्ण फैसले खुद लेने का निर्णय किया.

काजल ने कहा था कि इस मामले में उन का पहला जवाब हो या आखिरी, जवाब आज भी यही है और आगे भी यही रहेगा.

उस ने विशेष रूप से कहा था कि वह और अल्पेश दोनों राजीखुशी से रह रहे हैं. वह अपनी इस निजी बात में न किसी समाज को और न ही किसी बड़ेबुजुर्ग को गुमराह करना चाहती है.

काजल ने कहा था कि वह सनातन धर्म में विश्वास करती है और सनातन धर्मप्रेमी जनता से साथ और सहयोग मांगती है. उस ने यह भी स्पष्ट किया था कि वह धर्म परिवर्तन नहीं करना चाहती थी और इसी कारण अब तक चुप थी. उस ने कहा था कि वह अपने इस निर्णय पर अडिग रहेगी, क्योंकि वह सनातनी है.

काजल के अनुसार उस के परिवार की ओर से अल्पेश और उस के खिलाफ अलगअलग आरोप लगाए गए थे. उसे और अल्पेश को मार डालने तथा उठा लेने जैसी धमकियां भी दी गई थीं. उस के मुताबिक उस के ससुराल यानी शेरथा जा कर भी परिवार की ओर से कई बातें कही गईं और धमकियां दी गईं.

इन सभी बातों से परेशान हो कर उस ने वीडियो के माध्यम से अपनी बात सार्वजनिक की थी. अंत में काजल ने कहा था कि इस के बाद ऐसी किसी भी फालतू बात का जवाब देना वह जरूरी नहीं समझती. अब तक उस ने लोगों और अपने परिवार के बारे में सोचा है, लेकिन अब वह अपने बारे में सोचेगी. उस ने चेतावनी दी थी कि यदि कोई खराब टिप्पणी करता है या उन्हें परेशान करता है तो भारतीय न्याय प्रणाली की मदद से कानूनी काररवाई की जाएगी. Gujarat Singer Controversy

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