Medical College Scam :जब खेत के चारों तरफ लगी बाड़ ही खेत में लगी फसल चरने लगे तो फसल की रखवाली की उम्मीद किस से करें? कुछ इसी तरह का हाल देश में मैडिकल और इंजीनियरिंग कालेज को मान्यता देने वाली एजेंसियों का है. इस तरह की एजेंसियां लाखों रुपए की घूस ले कर महज कागजों में इस तरह के कालेजों को मान्यता दे देती हैं. सीबीआई ने एक ऐसे ही गैंग का परदाफाश किया है, जो लाखों रुपए की घूस ले कर मैडिकल कालेजों में सीट अलौटमेंट को धड़ल्ले से मान्यता दे रहा था. पढ़ें, इस गैंग के गठजोड़ की चौंकाने वाली कहानी...
डौक्टर मंजप्पा सी.एन. कर्नाटक के मंड्या इंस्टीट्यूट औफ मैडिकल साइंसेज के जानेमाने प्रोफेसर और आर्थोपेडिक्स विभाग के प्रमुख थे. इस के अलावा वह देश भर के मैडिकल संस्थानों को मान्यता देने वाले केंद्रीय दल के हैड भी थे, लिहाजा उन की सारी अंगुलियां घी में और मुंह कड़ाही में था.
उन्होंने अपने साथ ऐसे लोगों की एक गैंग तैयार कर ली थी, जो कालेजों की मान्यता के लिए मिलने वाली रकम की बंदरबांट से अपनी जेबें भर रही थी. इस गैंग का यह काम देश में फरजी डौक्टरों की नस्ल तैयार करने में मददगार हो रहा था.
उस दिन रात करीब 10 बजे का वक्त रहा होगा. डा. मंजप्पा अपने सरकारी आवास पर खाना खा कर टीवी के सामने बैठे हुए थे, मगर उन के दिमाग में कोई और प्लानिंग चल रही थी. उन्होंने अपना सेलफोन हाथ में लिया और किसी नंबर को सेलेक्ट कर काल करते हुए सेलफोन कान से सटा लिया. दूसरी तरफ से जैसे ही कौल रिसीव हुई तो डा. मंजप्पा के चेहरे पर मुसकान आ गई.






