कुंवारे थे, कुंवारे ही रह गए
इन दूल्हों और उनके घर वालों से कहा गया था कि सुबह 9 बजे तक दिल्ली से एक बस आएगी, जिसमें बैठ कर दूल्हों और उनके एकएक रिश्तेदार को दिल्ली स्थित तीसहजारी अदालत के पास पहुंचना है.
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